Akhil Bhartiya Jan Sangh-Delhi

Akhil Bhartiya Jan Sangh-Delhi State Official account of Akhil Bharatiya Jana Sangh Delhi.

Akhil Bharatiya Jana Sangh is Bharat's old political party. 1951
अखिल भारतीय जनसंघ दिल्ली प्रदेश का आधिकारिक अकाउंट।
अखिल भारतीय जनसंघ भारत का पुराना राजनैतिक दल है। 1951

01/06/2026

IMPCL अल्मोड़ा – हमारी देवभूमि की इकलौती आयुर्वेदिक-यूनानी दवा कंपनी – भाजपा सरकार ने मात्र 121 करोड़ में स्काईमैप फार्मास्यूटिकल्स को बेच दी!

ये कोई घाटे वाली कंपनी नहीं थी।
मुनाफे में चल रही थी।
सरकारी अस्पताल, सेना, CGHS और गरीबों को सस्ती दवाइयाँ देती थी।
सैकड़ों पहाड़ी परिवारों की रोजी-रोटी थी।

फिर भी 26-27 मई 2026 को कैबिनेट में चुपके से 100% शेयर बेच दिए।
2024 में आयुष मंत्रालय ने हमारे सांसद अजय भट्ट जी को लिखित आश्वासन दिया था – “IMPCL नहीं बेचेंगे”।
फिर भी बेच दिया!

भाइयो, ये सिर्फ IMPCL की बिक्री नहीं है।
ये सब कुछ बेच दो की भाजपा की साजिश है!

आज IMPCL, कल जंगल-खदान-पानी या पूरा उत्तराखंड?

🔥 भाजपा अगर रही तो सब बेच देगी! 🔥

2027 में पहाड़ की जनता जवाब देगी!
देवभूमि को बिकने नहीं देंगे!
रोजी-रोटी और आयुर्वेदिक विरासत को बिकने नहीं देंगे!

इनकार करो बिक्री का!
इनकार करो भाजपा के खेल का!

जय देवभूमि! जय उत्तराखंड! 🇮🇳

30/05/2026

भ्रष्टाचार मुक्त भारत का नारा देते-देते यह सरकार स्वयं भ्रष्टाचार की चपेट में कैसे आ गई, इसका आभास शायद खुद सरकार को भी नहीं है।

हाल ही में पुलिस विभाग के एक साधारण कर्मचारी ने विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार को — मात्र एक क्षेत्र तक सीमित नहीं — खुलकर उजागर किया। न्याय की लड़ाई लड़ते हुए उन्होंने एक वीडियो बनाया, उसे सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया। उनका विश्वास था कि सच्चाई सामने लाने से न्याय मिलेगा।

परिणाम? उसी कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई।

अब सवाल यह है — भरोसा किस पर करें? जनता का विश्वास वर्तमान सरकार से भी उठ चुका है। जिस उम्मीद और आशा के साथ उस ईमानदार सिपाही ने अपने प्रदेश के नेतृत्व पर भरोसा जताया, उसी आशा पर पानी फिरता दिख रहा है।

एक साधारण सिपाही, जिसकी जिंदगी “कुआँ खोदो और पानी भरो” की तर्ज पर चलती है, मध्यम वर्गीय कष्टों से जूझता हुआ — लोन, बच्चों की पढ़ाई, घर-परिवार की जिम्मेदारियाँ — ईमानदारी का रास्ता चुनता है। लेकिन ईमानदारी चुनने वाले को इम्तिहान जरूर मिलते हैं। और इन इम्तिहानों में भ्रष्टाचारियों के चेहरे नंग हो जाते हैं, उनके ईमानदारी के मुखौटे उतर जाते हैं। यही इस मामले में हुआ है।

जनसंघ का शुक्‍ला जी को पूरा समर्थन है।
आप आगे बढ़िए, हम आपके साथ हैं और हमेशा साथ रहेंगे।

क्योंकि जनसंघ भी यही चाहता है कि यह देश भ्रष्टाचार मुक्त भारत बने। भ्रष्टाचारियों और दुराचारियों पर सख्त कार्रवाई हो। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की स्थापना हो, लोक दायित्व निर्धारित हो और इस देश में राम राज्य की स्थापना हो।

ईमानदार अधिकारियों का हम सम्मान करते हैं और करते रहेंगे।

#भ्रष्टाचारमुक्तभारत #रामराज्ययुक्तभारत #लोकदायित्वयुक्तभारत #युवासदनयुक्तभारत
#वृद्धसदनमुक्तभारत #भ्रष्टाचारिमुक्तसदन

19/05/2026

NEET पेपर लीक के मामले में मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूँ:

इस देश का युवा लाचार नहीं है, वह सिर्फ अपनी शक्ति को पहचान नहीं रहा है।

हमारे हाथों में वो ताकत है जो इस देश में किसी और के पास नहीं है। लेकिन दुर्भाग्य से हम भ्रष्ट और पुरानी सोच वाले नेताओं के बाहरी आवरण को देखकर खुद को कमजोर समझ बैठे हैं।

सच ये है कि आज संसद में युवाओं का सच्चा प्रतिनिधित्व करने वाला कोई नहीं है।

मैं गारंटी के साथ कहता हूँ — जिस दिन 25-30 साल का कोई युवा संसद या विधानसभा में पहुँचेगा, जो शिक्षा व्यवस्था की खामियों, पेपर लीक, भर्ती घोटालों और युवा बेरोजगारी की बात रखेगा, उस दिन सदन को सुनना पड़ेगा। क्योंकि सदन जनता की आवाज को नजरअंदाज नहीं कर सकता।

चेहरा कोई बड़ा नहीं होता, जनता उसे बड़ा बनाती है।

अब फैसला आपको करना है —

या तो आप धरनों पर बैठकर जिंदगी भर इंतजार करते रहेंगे, या फिर अपने जैसे युवाओं को विधानसभा और लोकसभा में भेजेंगे।

जब तक हम अपना प्रतिनिधित्व खुद नहीं करेंगे, तब तक हमारी बात कोई नहीं सुनेगा।

युवा शक्ति को अब जागना होगा।
अपने लोगों को सदन में भेजो — धरने पर नहीं।

17/05/2026

सी जे आई साहब से एक प्रश्न तिलचट्टा या कॉकरोच कौन?

कुछ तिलचट्टे

पुरानी फाइलों के अंबार पर
बैठे रहते हैं।

फाइलें नम होती हैं, मसमसाती हैं,
फफूंद उग आती है।

वादी, विवादी, प्रतिवादी—
सब निपट जाते हैं,

मगर कॉकरोच जिंदा रहते हैं।

एक के बाद दूसरी खेप,
पीढ़ी दर पीढ़ी।

जिन्हें जज बनने के लिए
न मेरिट चाहिए, न प्रतियोगी परीक्षा—
बस एक अदद सही “खानदान”।

उनके रोजगार या पेशे में
कोई समस्या नहीं है।

समस्या होती है
गरीब, मजबूर, लाचार
या समय पर टैक्स भरने वालों के बच्चों को।

वे कॉकरोच हो सकते हैं,
क्योंकि वे सोने की चम्मच लेकर नहीं पैदा होते।

16/05/2026

📢 गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री इस देश के यशस्वी प्रधानमंत्री से अपने देशवासियों के समक्ष एक सवाल पूछ रहे हैं:

क्या प्रधानमंत्री जी में इन प्रश्नों का उत्तर देने की क्षमता है,
या उनका एकमात्र लक्ष्य जनता को भ्रमित करना ही है?

वीडियो जरूर देखें 👇

#भारत_की_राजनीति #प्रधानमंत्री #जनता_का_सवाल

16/05/2026

🌟 श्री शनि देव जी की जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं 🌟

आज न्याय के देवता, कर्मफल के साक्षात स्वरूप भगवान श्री शनि देव जी की पावन जयंती है।

मैं पूरे देश के सभी नागरिकों को शनि जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ। 🙏

एक विचार आपके सामने रखना चाहता हूँ —

भारत के सभी न्यायालयों में आज जो न्याय की देवी (Lady Justice) ताराजू लेकर, आँखों पर पट्टी बाँधे खड़ी हैं, उनके स्थान पर न्याय के सच्चे देवता श्री शनि देव जी की मूर्ति की स्थापना क्यों नहीं होनी चाहिए?

शनि देव न्याय के मूल स्वरूप हैं। वे कर्म के अनुसार फल देते हैं, किसी का पक्षपात नहीं करते, न किसी को डराते हैं और न किसी को छोड़ते हैं। उनकी दृष्टि सदा सत्य और न्याय की ओर होती है।

मेरा समस्त देशवासियों से विनम्र आवाहन है कि हम सब मिलकर प्रयास करें कि हमारे न्यायालयों में न्याय की देवी के स्थान पर भगवान शनि देव की दिव्य प्रतिमा प्रतिष्ठित हो।

न्याय सच्चा तभी होगा, जब न्याय के असली प्रतीक की स्थापना हो।

जय श्री शनि देव 🙏
जय भारत 🇮🇳

आप सभी क्या सोचते हैं? अपना विचार कमेंट में अवश्य लिखें।

शनि जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।न्याय के देवता भगवान शनिदेव आप पर सदैव प्रसन्न रहें, सभी बाधाएँ दूर हों और आपके...
16/05/2026

शनि जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।

न्याय के देवता भगवान शनिदेव आप पर सदैव प्रसन्न रहें, सभी बाधाएँ दूर हों और आपके हर प्रयास को सफलता मिले।

जय शनिदेव!

14/05/2026

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी के विप्र समाज के प्रति अपमानजनक बयान की कड़ी निंदा!

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने विप्र समाज (ब्राह्मण समुदाय) के प्रति अत्यंत निकृष्ट और घृणास्पद टिप्पणी की है। उन्होंने विप्र समाज को ‘वैश्या’ दिखता है और ब्राह्मणों को वैश्यों से भी बदतर बताया है।

यह बयान न केवल विप्र समाज की भावनाओं को गहरा आघात पहुँचाता है, बल्कि समाजवादी पार्टी की असली विचारधारा को भी साफ़ उजागर करता है।

एक तरफ़ अखिलेश यादव जी ब्राह्मणों के बताए रास्ते पर चलने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर उनके प्रवक्ता सार्वजनिक मंच से ब्राह्मण समाज का घोर अपमान कर रहे हैं। चुनाव नजदीक आने पर भाजपा-बसपा ब्राह्मण-ब्राह्मण करने लगते हैं, लेकिन सपा के प्रवक्ता ब्राह्मणों को गाली देना शुरू कर देते हैं। यह साफ़ दोगलापन और चुनावी सस्ती चाल है।

ब्राह्मण समाज किसी के बाप का मुफ़्त का नहीं खाता। वे स्वयं कुआँ खोदते हैं, पानी भरते हैं और स्वयं पीते हैं।

ऐसी विभाजनकारी और निकृष्ट सोच समाज को हमेशा लड़ता-बँटता रखने की पुरानी ‘फूट डालो, राज करो’ वाली नीति है। ये लोग नहीं चाहते कि समाज कभी संगठित होकर खड़ा हो।

मैं अखिलेश यादव जी से सीधे अनुरोध करता हूँ कि राजकुमार भाटी को तुरंत पार्टी से निष्कासित किया जाए।

जब तक उनका निष्कासन नहीं होता, मैं निरंतर विरोध करता रहूँगा।

विप्र समाज के प्रति इस प्रकार की अपमानजनक टिप्पणियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जय जय सियाराम 🙏

#भाटीकोनिकालो #सपा_ब्राह्मण_विरोधी
#अखिलेश_दोगला #विप्र_समाज_अपमान_नहीं_सहेगा

14/05/2026

भ्रष्टाचार और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद हो!

2014 से 2026 तक कुल 25 बार विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। हर बार पेपर लीक का मतलब है — हजारों-लाखों छात्रों का भविष्य अंधकार में धकेल दिया जाना। NEET हो या कोई और परीक्षा, बार-बार होने वाले इन लीक से साफ है कि यह सरकार न तो संवेदनशील है और न ही जवाबदेह।

यह सरकार भ्रष्टाचार रोकने में नहीं, बल्कि उसे बढ़ावा देने में पूरी प्रखरता से काम कर रही है। पहले भ्रष्टाचार छिपकर होता था, अब इस सरकार में खुलेआम और संगठित भ्रष्टाचार बढ़ने लगा है। ‘अदानी सरकार’ देश के युवाओं को मजदूर बनाने पर तुली हुई है — उनकी मेहनत पर पानी फेरकर उन्हें सिर्फ खाने-कमाने में व्यस्त रखना चाहती है, ताकि वे कुछ सोच न सकें।

यह एक बहुत बड़ा सुनियोजित षड्यंत्र है। अगर इस देश को बचाना है तो वर्तमान सरकार को बदलना अब अति अनिवार्य हो चुका है।

परिवर्तन के लिए ये कदम जरूरी हैं:
- सदन में पुराने चेहरे न हों — अधिकतम नए, ईमानदार विधायक और सांसद चुने जाएं।
- चुनावों में भारी धनखर्च पर सख्त रोक लगे।
- भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े से कड़े कानून बनाए और लागू किए जाएं।

जब जनता और नेता दोनों ईमानदारी की राह पर चलेंगे, तभी देश का भविष्य संवर सकेगा।

देश के युवाओं और आने वाली पीढ़ी के भविष्य के लिए अब जागने और बदलाव लाने का समय है!

14/05/2026

जब इनकी सरकार नहीं थी, तब पेपर लीक एक उद्योग था। अब पेपर आउट एक व्यवसाय बन गया है — जहाँ लागत शून्य है और मुनाफा अनगिनत।

दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि जो सरकार देश को भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने का दावा करती है, वह पेपर लीक रोकने के बजाय उन्हें होने देने में ज्यादा रुचि दिखा रही है। कहीं न कहीं यह सरकार भाजपा की कम, और कुछ खास कॉर्पोरेट घरानों की ज्यादा नजर आती है।

उद्देश्य साफ है — लगातार पेपर लीक करवाकर युवाओं की मेहनत, समय और सपनों पर पानी फेर दिया जाए। उन्हें निराशा और मजबूरी में धकेल दिया जाए, ताकि वे कोई बड़ा सपना देखना ही छोड़ दें।

और फिर 2047 में "विकसित भारत" बनाने का नारा लगाया जाए।

यह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इसे रोकना होगा।

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