Harendra Kumar

Harendra Kumar Legal & Tax consultant

.. जब जब लगे दब्बूपन... स्वाभिमान की कमी... बिहार संग्रहालय पटना जरूर घूम लेना... मगध की धरती... बुलंद आवाज... भारत ही न...
18/05/2026

.. जब जब लगे दब्बूपन... स्वाभिमान की कमी... बिहार संग्रहालय पटना जरूर घूम लेना... मगध की धरती... बुलंद आवाज... भारत ही नहीं मानव इतिहास में गूंज की तरह सुनाई देगी!
..और खुद के लिए, बिहारी होने के लिए... जो नकरात्मक विचार है वह छू मंतर हो जायेगा... अनेकों धर्मों को खड़ा किया.... बिहार के इतिहास के बिना हिंदुस्तान की इतिहास अधूरा है...अपने आप को पहचानो... सकारात्मक विचारों के साथ... नौकरी के मकड़जाल वाले सोच से निकलकर #स्वरोजगार करो।

शादी की सालगिरह मुबारक हो प्रियदेखते देखते 19 वर्षों के इस पड़ाव को हम दोनों ने पार कर लिया....और ऐसा लगता है कि मानो कल...
08/05/2026

शादी की सालगिरह मुबारक हो प्रिय

देखते देखते 19 वर्षों के इस पड़ाव को हम दोनों ने पार कर लिया....और ऐसा लगता है कि मानो कल की ही तो बात थी शादी।
. मुझे याद है मौसी के घर में किसी की शादी थी...मुझे उस शादी में शामिल होने के लिए जाना था। 2005 के आस पास का समय था। मै शामिल हुआ...और बाद में पता चला कि मेरे रिश्ते के लिए... लड़की के तरफ से देखने वाले आयेंगे।... उससे पहले भी कितने लोग देखने के लिए आए थे... मैने चाचाजी को बोला था..मेरे लिए दहेज की बोली मत लगाना....बेचना मत...यह शब्द तब भी था मेरे लिए....और आने वाले समय के लिए बच्चों के लिए भी वही शब्द है।
.अब जब लड़के और लड़की दोनों एक दूसरे को देखने के बाद तसल्ली करते है...कुछ दिन साथ रहते है...उसके बाद भी शादी एक मजाक सा बनकर रह गया है....उस दौर में मेरे साथ अडिग कमद से कदम मिलाकर खड़ा रहना... सच कहूं तो यह "स्वर्ग" ही तो है, यह इसी जन्म वाला स्वर्ग है।
..उस समय मुझे देखने के लिए आपके पिताजी, आपके भाई साहब और भाई साहब के ससुर जी आए थे....तब मुझे आवाज दी गई थी....मै क्रिकेट खेल रहा था शाम का समय था.... तब मुझे देखा गया। ... भैया बेना डोलाते हुए कह रहे थे...पूरे दिन ऑफ़िस में ऐसी में रहते है इसीलिए पसीना आ रहा है बहुत।

हां, जब तक मैं पैसा नहीं कामता था तब तक..मेरे लिए जाति और रंग दोनों मेरे मन में हीन भावना भरते थे। जैसे जैसे पैसा कमाने लगा... लोगो के प्रति... समाज के प्रति...मेरे विचार बदलते गए...मै खुद से प्रेम करने लगा....और उस प्रेम में आपने चार चांद लगा दिया।
.. मुझे सांवला नहीं.. काला ही कहेंगे...तेज तपती दोपहरी में हमारा रंग और ... प्रकृति हो जाता है। ..,मुझे स्वीकार करना... बिना देखे...बिना टेलीफोनिक बात चित के.. इतने भी पुराने जमाने के नहीं थे....लेकिन शादी के बाद प्रेम होना....मै सच कहूं तो "स्वर्ग" यही है, इसी जन्म में है...।

आपकी असली परीक्षा तब थी जब मेरे जेब में पैसे नहीं थे...दिल्ली जैसे महानगर में तीसरे माले पर रहना... बिना कूलर, बिना एसी.... बेड के ऊपर पानी छिड़कर ठंडा करना....और नींद के लिए गर्मी में इंतजार करना...अपने बखूबी साथ निभाया...बिना किसी द्वेष और क्लेश के ... आपने साथ दिया। तीन बच्चों के दिल्ली जैसे महानगर में परवरिश करना...कितना मुश्किल दौर से गुजरे है...मेरे अलावा कोई साक्षी है ... वो आप है।...मै सदैव पूरे जीवन आपका आभारी रहूंगा।
..अब जब पीछे मुड़कर देखता हूं तो गौरवान्वित महसूस करता हूं...। मुझे कुछ रिग्रेट नहीं है जीवन से... जो मिला उसको मैने सहर्ष स्वीकार किया, चाहे वह दुःख हो अथवा सुख। मै आज चालीस वर्ष से ज्यादा उम्र होने के बाद भी बीपी और शुगर से दूर रह पाया हूं...तो इसमें भी आपका योगदान है....आज आय के अनेक श्रोत है.... उसमें भी आपका योगदान है। ..दिल्ली जैसे महानगर में अपने काम का सेटअप है... उसमें भी आपका योगदान है।

मुझे अब खराब और अच्छे समय में अंतर न के बराबर दिखता है...ऐसा लगता है कि मेरे महादेव मेरे लिए हर पल मेरे साथ खड़े है। मै जैसा सोचता हूं... ठीक वैसा ही होता है.... जहां महादेव हो... वहां तो सब ठीक ही होगा।

कहते है ...जहां शांति है... जहां सुकून है...
वहां जरूर महादेव जी है।
. हे प्रिय, मुझे सम्पूर्ण करने के लिए शादी की सालगिरह की पुनः बधाई और आपको शुभकामनाएं।

बहुत बहुत, सम्मान, स्वाभिमान, प्यार और आभार।

बिहार म्यूजियम मेरी यह दूसरी म्यूजियम का सफरनामा है। पहला सारनाथ संग्रहालय.... बनारस यात्रा के दौरान मै तीन बार जा चुका ...
04/05/2026

बिहार म्यूजियम

मेरी यह दूसरी म्यूजियम का सफरनामा है। पहला सारनाथ संग्रहालय.... बनारस यात्रा के दौरान मै तीन बार जा चुका हूं.... बिहार म्यूजियम का यह मेरा पहला दौरा है।

पटना जंक्शन से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है....। आप इस बार बिहार किसी के शादी में शामिल होने के लिए बिहार आएं हुए है पूरे परिवार के साथ। ...आप शिक्षक है....? या आपके घर में इतिहास या मानव इतिहास के जिज्ञासु छात्र है....? आपको भी इतिहास में खास रुचि है...? बिहार के गौरवमय इतिहास को जानना है...?

तब आपको बिहार म्यूजियम जरूर जाना चाहिए पूरे परिवार के साथ। कम से कम 4 घंटे का समय निकालकर घूमे। सेल्फ़ी प्वाइंट का भी खास ख्याल रखा गया है। सेंसर भी लगे है जो लाइट के साथ साथ म्यूजिक का .. सूफी नामों का... भक्ति..का एक अलग आनंद मिलेगा। मै इस लेख को छोटा लिख रहा हूं ताकि आप घूमने जाएं।

विश्व स्तरीय संग्रहालय... दुनियां के स्थान रखने वाला।

400000 लाख ईसा पूर्व से लेकर...1947 तक के ... सभी धरोहर को सहेज कर रखा गया है।

#बिहार
#नीतीशकुमार
#गौरवगाथा

... एक समय आता है जब सब कुछ अपने आप ठीक हो जाता है...बस उस समय तक टिके रहना है, पढ़ते रहना है,सीखते रहना है...आय के अलग ...
02/05/2026

... एक समय आता है जब सब कुछ अपने आप ठीक हो जाता है...बस उस समय तक टिके रहना है, पढ़ते रहना है,सीखते रहना है...आय के अलग अलग श्रोत बढ़ाते रहना है।
... नौकरी गरीबी की लक्ष्मण रेखा है... नौकरी खत्म गरीबी शुरू.... नौकरी का मतलब गरीबी रेखा पर खड़े हो...बस जोखिम लो...और शुरू हो जाओ...रुकना नहीं है...।

हर हर महादेव।

01/05/2026

जब दिल्ली में था बिहार का तापमान 46 था..
जब से बिहार में हूँ पारा 22 डिग्री गिरकर..24 के आस पास है..चारों तरफ़ ठंढी सी हवा का झोंका..
पटना के आस पास का वातावरण

बुद्धपूर्णिमाआज के दिन ऐसा कहा जाता है कि भगवान् बुद्ध का जन्म, ज्ञान और निर्वाण...हुआ था।क्यों खास है?यह दिन शांति, अहि...
01/05/2026

बुद्धपूर्णिमा

आज के दिन ऐसा कहा जाता है कि भगवान् बुद्ध का जन्म, ज्ञान और निर्वाण...हुआ था।

क्यों खास है?
यह दिन शांति, अहिंसा, करुणा और सत्य का संदेश देता है—जो बुद्ध की शिक्षाओं का मूल है।

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
अर्थ (संक्षेप में):
गुरु ही ब्रह्मा (सृजनकर्ता), विष्णु (पालनकर्ता) और महेश (संहारकर्ता) हैं। गुरु ही साक्षात् परम ब्रह्म हैं—ऐसे गुरु को प्रणाम है।

गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूँ पाय।
बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय॥
अर्थ (सरल भाषा में):
अगर गुरु और भगवान (गोविंद) दोनों सामने खड़े हों, तो पहले किसके चरण छुएँ?
कबीर कहते हैं—मैं तो गुरु पर बलिहारी जाता हूँ, क्योंकि गुरु ने ही मुझे भगवान का रास्ता दिखाया।

मै उन सभी गुरुओं को नमन करता हूं जिन्होंने मुझे ज्ञान दिया... एक प्रकाश दिया... जिसके कारण मैं ... आज चमक रहा हूं...।

सभी गुरुजनों को बहुत बहुत धन्यवाद और आभार।

मै, मेरे महादेव और मेरी बिहार यात्रा . मेरी टिकट 25 अप्रैल को थी... सायं के पांच बजे..के आस पास.. नई दिल्ली से। कुछ शुभ ...
30/04/2026

मै, मेरे महादेव और मेरी बिहार यात्रा
. मेरी टिकट 25 अप्रैल को थी... सायं के पांच बजे..के आस पास.. नई दिल्ली से। कुछ शुभ चिंतकों का फोन आ रहा था..बिहार के हालात, गर्मी से बदतर है।
. थोड़ी घबराहट थी.... चुकी अप्रैल में 46 के आस पास पारा का होना .. शुभ संकेत नहीं था.... गांव के शादी में शामिल होना भी जरूरी था। ....दिल्ली से निकलने से पहले मैने महादेव को याद किया....और सब कुछ उनके ऊपर सौंप दिया।

मैने जैसे ही बिहार में कदम रखा.. मौसम में करवट बदल दिया...26 को तेज हवा ने तापमान को थोड़ा कम किया। 27 को आकाश बिल्कुल साफ और.. पुनः तापमान में गिरावट। ...28 को ट्रैवल करके मुजफ्फरपुर पहुंचा उसके बाद अगले दिन सीतामढ़ी।
.29 को पटना पहुंचते पहुंचते... सायं के समय तक तापमान 40 से नीचे आ चुका था।
..और जब आज लेख लिख रहा हूं तब तक 31 तक तक पहुंच चुका है तापमान। यानि ...15 सेंटीग्रेट कम हुआ तापमान... चारों तरफ AC का माहौल.... ईश्वर का दिया हुआ।
. मै बार बार कहता हूं....हर बार कहता हूं..जब मैं महादेव के सामने नतमस्तक होता हूं...कुछ और नहीं मांगता हूं...बस महादेव से कहता हूं "हे महादेव, मेरे हर परिस्थिति में साथ रहना..." मै महादेव से महादेव को ही मांगता हूं।
मुझे इतना विश्वास है ... की जहां महादेव होंगे वहां..., दूर दूर तक नकारात्मक की नियति टिक नहीं सकती।

यात्राएं हमे जीवन्त बनाती है... खुशहाल बनाती... ईश्वर पर भरोसा रखे .... खुद पर भरोसा रखे...
सपने के लिए अपने को कर्मों में झोंक दे....
यक़ीनन हम सफल होंगे।
.मैने उन दो पौधों का निरीक्षण भी किया.. जिनको मां के पुण्यतिथि पर लगवाया था..अभी वे सुरक्षित है और धीरे धीरे बड़े हो रहे है।

खुश रहे
मस्त रहे..
हर हर महादेव कहते रहे।

... सपने पूरे करने के लिए शरीर और मन दोनों का स्वास्थ्य होना बहुत जरूरी है... अधूरे शरीर और अधूरे स्वास्थ्य से सपने कभी ...
30/04/2026

... सपने पूरे करने के लिए शरीर और मन दोनों का स्वास्थ्य होना बहुत जरूरी है... अधूरे शरीर और अधूरे स्वास्थ्य से सपने कभी पूरे नहीं हो सकते....किसी के द्वारा सपने पूरे हो भी गए...हम सब आनंदित नहीं हो पायेंगे... मन, ध्यान और पूजा में लगाकर.... शरीर को... समय देकर स्वास्थ्य रखा जा सकता है। झुकना शुरू कीजिए अहम और वहम को त्याग कर ...बहुत आनंद मिलता है।

जय माँ जानकी ।

.. पूरे भारत में बढ़ते पारा और .. ऊंची इमारतों में आगजनी की घटनाएं...इसके लिए मैने आज से कई साल पहले कहानी लिखी हुई है "...
30/04/2026

.. पूरे भारत में बढ़ते पारा और .. ऊंची इमारतों में आगजनी की घटनाएं...इसके लिए मैने आज से कई साल पहले कहानी लिखी हुई है "हवा में घर"... इंटरनेट पर सर्च करे और पढ़े जरूर।

गांव के पुस्तैनी जमीन बेचने के बाद ... शहर में सेटल होकर हम शान समझते है... पुरखों के यादों को संजो कर रखो। ..मुझे याद है जेठ, बैसाख वाले महीने में "माँ" घर को गोबर से लिप देती थी.. उस धरती की ठंडक आज के बीमार करने वाले "AC" के ठंडक से कई गुणा ज्यादा आराम देह था... स्वर्ग वाले दिन थे।
.. निकम्मों..अपने अपने हिस्से के कम से कम एक पेड़ लगाओ जैसे...अपने पीढ़ी को बढ़ा रहे हो.. ठीक उसी तरह ।
.मैने अपने हिस्से का नींव लगा दिया है....हर साल और लगाऊंगा..... मै जग गया हूं..... विश्वास है आप भी जागेंगे।

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