01/06/2026
बिहार के वैशाली जिले के जुड़ावनपुर में 34 साल पुराने एक जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए एक वृद्ध आरोपी को दोषी करार दिया है. यह घटना साल 1992 की है, जब आपसी विवाद में एक दंपति पर फायरिंग और जानलेवा हमला किया गया था। इस मामले में एक ही परिवार के पाँच लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था, लेकिन सुनवाई के दौरान चार आरोपियों की मौत हो गई और अब केवल दीप राय उर्फ जिसा राय ही बचे थे.
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने IPS की धारा 147, 148, 307 और आर्म्स एक्ट के तहत दीप राय को दोषी पाया है. पीड़ित द्वारा 10 मई 1992 को दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने 1993 में चार्जशीट दाखिल की थी. करीब 34 साल बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया है, जबकि सजा का ऐलान 2 जून को किया जाएगा.
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर में वृद्ध आरोपी की कमजोर हालत देखी जा सकती है, जहां उन्हें चलने-उठने के लिए भी सहारे की जरूरत पड़ रही है. बावजूद इसके, कानून ने अपनी प्रक्रिया पूरी की और उम्र आड़े नहीं आई. यह मामला युवाओं के लिए एक मजबूत संदेश देता है कि जवानी में किए गए अपराध का परिणाम देर-सवेर जरूर भुगतना पड़ता है.