Dushyant Talwar

Dushyant Talwar Swayamsevak | Cyber Security | Strategist

लीजिए आपको फलता के परिणामों से एक मजेदार  विश्लेषण देता हूं जो आपको हिला कर रख देगायर डेटा आपको कहि नही मिलेंगे क्योंकि ...
24/05/2026

लीजिए आपको फलता के परिणामों से एक मजेदार विश्लेषण देता हूं जो आपको हिला कर रख देगा
यर डेटा आपको कहि नही मिलेंगे
क्योंकि ओरिजनल परिणाम के देता ECI की साइट से ले कर मैंने विश्लेषण कर ये आंकड़े जुटाए ह ।

फलता में कुल वोट 236667
कुल वोट पोल हुवे 209445 वोट
हिन्दू वोट 153834
मुस्लिम वोट 82833
कुल वोट पोल हुवे 88.5%

अब देखिए मजेदार गणित
हिन्दू वोट पोल हुवे 96.9% मने 148999 वोट
ओर भाजपा को मिले कुल वोट 148999 वोट
मुस्लिम वोट पोल हुवे 72.9% मने 60446 वोट

अब देखिए
कम्युनिष्ट को मिले 40633 वोट
कांग्रेस को 10075 वोट
Tmc को मिले 7749 वोटडो निर्दलीयों को मिले 1214 वोट
ओर नोटा को मिले 775 वोट
विपक्ष को मिले कुल वोट 60446 वोट
ओर एग्जेक्ट इतने ही मुस्लिम वोट पोल हुवे ।

ये गणित तो मजेदार ह ही
पर सबसे आश्चर्यजनक बात ये ह की हिन्दुओ ने लगभग 97% वोट पोल किये
ओर पूरी 97% वोटिंग bjp के पक्ष में टैक्टिकल वोटिंग हुई ।
ऐसा हिन्दू वोटों में भारत मे कभी नही हुआ

ये आंकड़े भारत की हर विपक्षी पार्टी को परेशान करेंगे और उन्हें अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर भी करेंगे ।
खास कर जातीय राजनीति को आधार बना कर खेलने वाले नेताओं को अपने राजनीतिक भविष्य के लिए गम्भीरता से सोचना होगा ।
हालांकि इस हिन्दू टैक्टिकल वोटिंग के पीछे ओर भी बहुत सी बजह ह पर इसमे जो धार्मिक वजह ह उसे आप इग्नोर नही कर सकते और यही बजह पूरे देश मे लागू होती ह ।

मोदी ने भारत की राजनीतिक दशा बदली थी
अब बंगाल भारत की राजनीतिक दिशा बदलेगा ।

जहां तक मुझे समझ आया ह
अमित शाह और भाजपा की रणनीतिक टीम जिस राजनीतिक पेड़ के जड़ो की गहराइयों में जा कर खेल रहे ह , विपक्ष अभी उस पेड़ की केवल पत्तियों पर बैठा ह जो कभी सेकुलरी का कबूतर बन रहा ह तो कभी कॉकरोच ।

24/05/2026

इसको बोलते है.. तेरी कह के लूंगा 🤪🤣 U.S. सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट मार्को रुबियो“ को जवाब देते हुए EAM डॉ. एस. जयशंकर“ को सुनिए..

कल अमेरिका कह रहा था कि भारत को जितना तेल चाहिए, उतना अमेरिका बेचने को तैयार है।

आज एस. जयशंकर ने इशारा साफ कर दिया, आपके लिए अमेरिका फर्स्ट है, तो हमारे लिए भारत फर्स्ट है।

भारत की जिम्मेदारी अमेरिका को खुश करना नहीं, बल्कि 1.4 अरब लोगों को सस्ती और सुरक्षित ऊर्जा देना है।

तेल कहां से आएगा, यह फैसला दबाव से नहीं, भारत के हित से होगा।
अगर सस्ता तेल कहीं और मिलेगा, तो भारत वही देखेगा।

उन्होंने ये भी दोहराया की भारत के रूस के साथ मज़बूत रिश्ते हैं"🔥 एस जयशंकर ने आज दिल जीत लिया 🇮🇳🙌💪🏻

बाकी सभी को तो ठि.काने लगा दिया1 बंदा बाकी है, फ़ोटो में पहचानों कौन !..
17/05/2026

बाकी सभी को तो ठि.काने लगा दिया
1 बंदा बाकी है, फ़ोटो में पहचानों कौन !..

17/05/2026

भारत का गौरव वापस घर लौटा
आज भारत के लिए इतिहास, संस्कृति और गर्व से भरा एक भावुक पल देखने को मिला। सदियों से विदेश में मौजूद 11वीं शताब्दी की बहुमूल्य चोल कॉपर प्लेट्स अब भारत लौट आई हैं। इन्हें अनैमंगलम या लीडेन प्लेट्स के नाम से भी जाना जाता है।
ये सिर्फ प्राचीन तांबे की प्लेटें नहीं हैं, बल्कि महान चोल साम्राज्य की पहचान हैं।
इन पर तमिल और संस्कृत में महत्वपूर्ण अभिलेख अंकित हैं, जो राजराजा चोल प्रथम और राजेंद्र चोल प्रथम के शासनकाल से जुड़े हैं। ये भारत की समुद्री शक्ति, सांस्कृतिक समृद्धि और हमारी ऐतिहासिक विरासत की कहानी बयां करती हैं।
इनका वापस लौटना केवल धातु की कुछ प्लेटों का लौटना नहीं है, बल्कि हमारी खोई हुई विरासत, हमारी पहचान और हमारे इतिहास का फिर से अपने घर आना है।
इतिहास सिर्फ किताबों में नहीं रहता- वह हमारी जड़ों, हमारी संस्कृति और हमारी पहचान में बसता है। आज हर भारतीय के लिए गर्व का दिन है।

15/05/2026

जेठ को नहीं देनी...
चाहे खूंटे से फड़वानी पड़े...

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में परिदृश्य बड़ी निर्ममता से बदलते है...कल तक चीन पर भारी भरकम टैरिफ पेलने वाला अमेरिका आज उसकी पत्तल चाटने घुटनों के बल बैठकर गया है...

ये मिलन कोई सामान्य निषेचन क्रिया नहीं है... पश्चिम बंगाल में मोदी के विजय तिलक ने इस बेमेल निषेचन क्रिया को मजबूर किया है...बंगलादेश में 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना के तख्ता पलट के बाद अमेरिका की साजिश की परत पश्चिम बंगाल में चढ़ने से रह गई है जिसके परिणाम स्वरूप ना चाहते हुए भी अमेरिकी सरकार को घुटनों के बल जाकर चीन को अपना तौफ़ा कबूल करवाना पड़ रहा है... लगातार CIA एजेंट के पकड़े जाने के बाद अमेरिकी सरकार भारत सरकार के सामने नग्न अवस्था में थी मगर भारत के साथ मिलन को तैयार नहीं थी...

अब इस निषेचन क्रिया के बाद क्या हासिल होगा ये तो वक्त के गर्भ में है मगर ये तय है कि
जेठ को नहीं देनी...चाहे खूंटी से फड़वानी पड़ जाए...

मोदी जी ने ये अपील की है यह बस यूं ही नहीं कि है।मुझे लगता है यह अपील किसी बहुत बड़े इंटेलिजेंस अलर्ट के बाद की गई है।मे...
14/05/2026

मोदी जी ने ये अपील की है यह बस यूं ही नहीं कि है।
मुझे लगता है यह अपील किसी बहुत बड़े इंटेलिजेंस अलर्ट के बाद की गई है।
मेरा तो अनुमान यह है कि फिलहाल अमेरिका ने ईरान मसले को इसलिए ठंडे बस्ते में डाला है क्योंकि अमेरिका के निशाने पर अब सबसे ऊपर भारत आ चुका है।
चूंकि
"दुश्मन का दुश्मन आपका दोस्त होता है।"
इसके अनुसार भारत को घेरने के मसले पर चीन और अमेरिका दोनों मिल चुके है।
और इसीलिए ट्रंप ने चीन की यात्रा की है।
बंगाल की जीत ने अमेरिका की सारी प्लानिंग ध्वस्त कर दी है।
यदि ममता साधारण से जनमत से भी जीत जाती तो अगले कुछ वर्षों में अमेरिका ममता के साथ खड़ा होकर बंगाल को काटने का काम कर डालता।
जिससे भारत का पूर्वोत्तर भी पूरा भारत से कट जाता।
इन्हीं कुछ इनपुट के चलते शायद मोदी जी ने भविष्य की रणनीति के अंतर्गत देश की जनता से सहयोग मांगा है।
वरना यह कोई संयोग नहीं है कि पूर्वोत्तर से CIA का जासूस का पकड़े जाना, ईरान युद्ध का अचानक रुक जाना।
रूस के गैस टैंकर को वापस लौटाना, और ट्रंप की चीन यात्रा।
इन सबके पीछे एक मात्र उद्देश्य है भारत की बरबादी और यह मोदी जी होने नहीं देंगे।
निकट भविष्य में भारत की दो सीमाएं सुलग सकती है।
इसलिए
मोदी जी के हर शब्द को सुनने के साथ उसमें छुपे निहितार्थ को समझने का प्रयास करे।
और सहयोग करे।
पैदल चलने की आदत डाल लें, सोना खरीदने के बजाय आपके पास जो सोना है उसे बैंक में जमा करवाएं।
एक माचिस की तीली भी विदेशी न खरीदें।
ऊर्जा की निर्भरता अधिक से अधिक सौर ऊर्जा पर शिफ्ट करें।
खाद्यान्न और तेल का कम से कम उपयोग करें।
रसोई गैस का कम उपयोग करे।
यह समझकर कि आप भी एक सैनिक है और राष्ट्र के लिए एक युद्ध लड़ रहे हैं।

अपने को दुनिया का कोतवाल और मालिक समझने वाला अमरीका का राष्ट्रपति जब आज चीन के हवाई अड्डे पर उतरा तो वहॉं स्वागत की सामा...
14/05/2026

अपने को दुनिया का कोतवाल और मालिक समझने वाला अमरीका का राष्ट्रपति जब आज चीन के हवाई अड्डे पर उतरा तो वहॉं स्वागत की सामान्य तैयारियाँ भर थी।
चीनी राष्ट्रपति शीं ट्रम्प की अगवानी को नहीं आये , उपराष्ट्रपति को भेज दिया था । यह वैसा ही था जैसा अमरीका अन्य देशों के राष्ट्रपतियों के साथ अपनी धरती पर व्यवहार करता है । जैसे को तैसा ।

14/05/2026

अभी तो मोदीजी ने सिर्फ संयम रखने और फिजूलखर्ची नहीं करने के लिए ही बोला है

अगर कुछ मांग लिया तो विरोधियों को ऐसा लगेगा जैसे उनकी दोनों किडनीयाँ मांग ली गई हों।

विरोध करो मगर दिमाग़ का इस्तेमाल भी करना चाहिए

अभी इन हालातों में डीजल / पेट्रोल के रेट भी बढ़ेंगे

पहले से तैयारी रखें सामान महंगा होगा तो पैसा ही काम आएगा सोना चांदी या घूमने फिरने और फालतू के खर्चो पर अंकुश जरूरी है 🙏🚩

12/05/2026

सि॰क्युलर हिं॰दुओं को भूलने की जो बीमारी है उसी वजह से ये हाल है उनका इसीलिए सोचा कां॰ग्रेस का वो पुराना दौर याद दिला दू .

ये फोटो तब की है जब अमित शाह जी अपने बेटे जय शाह जी की शादी का निमंत्रण देने गोरक्षपीठ पहुँचे थे। तब गोरक्षपीठाधीश्वर  म...
09/05/2026

ये फोटो तब की है जब अमित शाह जी अपने बेटे जय शाह जी की शादी का निमंत्रण देने गोरक्षपीठ पहुँचे थे।

तब गोरक्षपीठाधीश्वर मुख्यमंत्री योगी जी एक साँसद थे और गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी थे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की मूल पहचान कोई मुख्यमंत्री पद नही बल्कि उससे कही बड़ा पीठाधीश्वर का पद है।

मुख्यमंत्री पद तो गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर के आगे तुच्छ और बौना पद है। हिंदूओ की आस्था का केंद्र गोरक्षपीठ है। यह तश्वीर इस बात का गवाह है।

#गोरक्षपीठ #गोरखनाथपीठ #योगीआदित्यनाथ #अमितशाह #जयशाह #नाथसंप्रदाय #गोरक्षपीठाधीश्वर #उत्तरप्रदेश #मुख्यमंत्रीयोगी #योगीजी

Address

MHA North Block
Delhi

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Dushyant Talwar posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share