State Horticulture Mission, Government of Uttarakhand

State Horticulture Mission, Government of Uttarakhand समृद्ध और सशक्त किसान। From 2014-15 this scheme is merged as the name of On Farm Water Management under National Mission for Sustainable Agriculture.

Horticulture Mission for North East & Himalayan States (HMNEH)





The Centrally Sponsored Scheme of HMNEH is being implemented in the State since 2003-04 for the holistic development of horticulture sector duly ensuring forward and backward linkages by adopting cluster approach, covering production, post- harvest management, processing and marketing with the active participation of all

the stake-holders. National Mission for Sustainable Agriculture (NMSA)
The Centrally Sponsored scheme National Mission on Micro Irrigation (NMMI) was launched in Uttarakhand state in the year of 2011-12 to increase the area under improved method of irrigation to provide stimulus to Horticultural & Agricultural growth.

उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग उत्तराखंड, पूरे देश में बागवानी के क्षेत्र में एक प्रेरणा स्त्रोत बन रहा है। राजकीय उद...
16/06/2023

उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग उत्तराखंड, पूरे देश में बागवानी के क्षेत्र में एक प्रेरणा स्त्रोत बन रहा है।
राजकीय उद्यान नगउ बागवानी के साथ-साथ एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन भी बनेगा। 13 हेक्टेयर में फैला यह राजकीय उद्यान देश एवं विदेश से पर्यटकों को काफी आकर्षित कर रहा है।


उत्तराखंड में मौनपालन की अपार संभावनाएं है और इन्हीं को देखते हुए उत्तराखंड के जागरूक किसान अब मौनपालन में भी अपनी रुचि ...
15/06/2023

उत्तराखंड में मौनपालन की अपार संभावनाएं है और इन्हीं को देखते हुए उत्तराखंड के जागरूक किसान अब मौनपालन में भी अपनी रुचि दिखा रहे हैं और इससे एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।

ऐसे ही सफल किसान हैं ग्राम फतेहपुर के “श्री रोशन मौर्या”और उनकी धर्मपत्नी “श्रीमती शांति देवी मौर्या”, जिन्होंने 5 वर्ष पूर्व मौनपालन का कार्य शुरू किया था।

उघान एवं खाघ प्रसंस्करण विभाग, उत्तराखंड से प्रशिक्षण लेकर इन्होंने 10 मौन बक्सों से शुरू व्यवसाय को 100 मौन बक्सों तक पहुंचाया है।

आज यह किसान अपने खुद के ब्रांड का शहद बेचकर बहुत अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
विभाग मौनपालन योजना के अंतर्गत कुल लागत पर 40% राजसहायता दे रहा है और राज्य के किसानों को सशक्त बना रहा है।

अगर आप भी मौनपालन करना चाहते हैं, तो आज ही विभाग से संपर्क करें।

पौधों के लिए बोरोन क्यों जरूरी?यह पौधों के विकास में सहायक है जो बीज के निर्माण और पराग कण के विकास मे महत्वपूर्ण भूमिका...
14/06/2023

पौधों के लिए बोरोन क्यों जरूरी?
यह पौधों के विकास में सहायक है जो बीज के निर्माण और पराग कण के विकास मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

बोरोन की कमी से पत्तियों का मुड़ना और जड़ों का विकास धीमा हो जाता है। इसकी कमी से बचने के लिए पौधों में नमी बनाएं और मिट्टी के पीएच में सुधार करें।

14/06/2023

श्री सतीश शर्मा मुख्य बागवान अधिकारी के पद पर जनपद अल्मोड़ा में कार्यरत हैं। बातचीत के दौरान श्री सतीश शर्मा जी ने उघान एवं खाघ प्रसंस्करण विभाग, उत्तराखंड द्वारा जिले में किए कार्यों की जानकारी दी।

उघान एवं खाघ प्रसंस्करण विभाग, उत्तराखंड जिले में छोटे पॉलीहाउसों का निर्माण, कीट रसायन, ढुलान के कार्य और मधुमक्खी पालन के लिए राजसहायता उपलब्ध करवा रहा है। विभाग ब्रेसिका और लिलियम की खेती को भी बढ़ावा दे रहा है।

उघान एवं खाघ प्रसंस्करण विभाग, उत्तराखंड द्वारा वर्ष 2020 में मुख्यमंत्री एकीकृत बागवानी विकास योजना की शुरुआत की गयी। इ...
14/06/2023

उघान एवं खाघ प्रसंस्करण विभाग, उत्तराखंड द्वारा वर्ष 2020 में मुख्यमंत्री एकीकृत बागवानी विकास योजना की शुरुआत की गयी।

इस योजना का लक्ष्य औद्यानिक फसलों का उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ावा देना है। योजना के अंतर्गत विभाग फल पौध, सब्जी बीज, मसाला बीज, फूलों के बीज पर 50% की देय सहायता दे रहा है।

योजना से संबंधित और अधिक जानकारी और लाभों के लिए आप विभाग से संपर्क कर सकते हैं।


पौधे के लिए आयरन क्यों जरूरी है?आयरन पौधों के स्वास्थ्य और वृद्धि के लिए जरूरी है। यह क्लोरोफिल (पर्णहरित) निर्माण, एंजा...
13/06/2023

पौधे के लिए आयरन क्यों जरूरी है?
आयरन पौधों के स्वास्थ्य और वृद्धि के लिए जरूरी है। यह क्लोरोफिल (पर्णहरित) निर्माण, एंजाइम और पिगमेंट का एक मुख्य घटक है।

आयरन की कमी से पौधों में पीलापन आने लगता है जिसे मिट्टी के पीएच में सुधार कर ठीक किया जा सकता है।

क्या आपकी अंगूर की खेती भी डाउनी मिल्ड्यू (फफूंदी) रोग से ग्रस्त है? फफूंदी रोग पत्तियों, फलों और तनों को प्रभावित करता ...
13/06/2023

क्या आपकी अंगूर की खेती भी डाउनी मिल्ड्यू (फफूंदी) रोग से ग्रस्त है? फफूंदी रोग पत्तियों, फलों और तनों को प्रभावित करता है। यह पत्तियों में पीले धब्बे, छोटी टहनियों और खराब फल का कारण है।

इस रोग के उपचार के लिए बोर्डेस मिश्रण (1%) का छिड़काव या मेटलैक्सिल + मैंकोजेब (0.4%) का छिड़काव कर सकते हैं।

क्यों किया जाता है बीजों का उपचार?कीटाणुओं के प्रकोप से बचने और अच्छी उपज के लिए बीजों का उपचार करना बहुत जरूरी होता है।...
12/06/2023

क्यों किया जाता है बीजों का उपचार?

कीटाणुओं के प्रकोप से बचने और अच्छी उपज के लिए बीजों का उपचार करना बहुत जरूरी होता है।

यह रोगमुक्त फसल बनाने और भंडारण कीड़ों से बचाव के लिए बहुत उपयोगी होता है। बुवाई से पहले बीजों का उपचार जरूर करें।

पौधों के लिए मैग्नीशियम क्यों जरूरी है? मैग्नीशियम पौधे के विकास और क्लोरोफिल के निर्माण में उपयोगी है। मैग्नीशियम की कम...
12/06/2023

पौधों के लिए मैग्नीशियम क्यों जरूरी है?

मैग्नीशियम पौधे के विकास और क्लोरोफिल के निर्माण में उपयोगी है। मैग्नीशियम की कमी से पत्तियों में पीलापन और पत्तियों के किनारे सफेद होने लगते हैं।

पौधों में मैग्नीशियम की कमी पूरी करने के लिए खेतों में किसेराइट डालें और मिट्टी की जांच करवाएं।


क्या आपको एंटी हेल नेट की जानकारी है?यह बागानों को ओलावृष्टि से बचाने में कारगर है। इस नेट के द्वारा कीट-पतंगों, तेज हवा...
11/06/2023

क्या आपको एंटी हेल नेट की जानकारी है?
यह बागानों को ओलावृष्टि से बचाने में कारगर है। इस नेट के द्वारा कीट-पतंगों, तेज हवा, अधिक धूप और भारी बारिश से फसलों को बचाया जा सकता है।

इस नेट की मदद से फसलों की गुणवत्ता में विकास और उपज में वृद्धि लायी जा सकती है।

क्या आपको सिट्रस के ग्रीनिंग रोग की जानकारी है?यह रोग सिट्रस की लगभग सभी किस्मों को प्रभावित करता है। इस रोग से पत्तियाँ...
11/06/2023

क्या आपको सिट्रस के ग्रीनिंग रोग की जानकारी है?

यह रोग सिट्रस की लगभग सभी किस्मों को प्रभावित करता है। इस रोग से पत्तियाँ पीली और खराब आकार की हो जाती है। यह फल को भी खराब करता है, कभी-कभी इस रोग से पेड़ का केवल एक हिस्सा ही प्रभावित होता है।

इस रोग के नियंत्रण के लिए 15 दिन के अंतराल में 500 पीपीएम टेट्रासाइक्लिन का छिड़काव करें।


11/06/2023

श्री डी.के.तिवारी मुख्य बागवान अधिकारी के पद पर जनपद उत्तरकाशी में कार्यरत हैं। बातचीत के दौरान श्री डी.के.तिवारी जी ने उघान एवं खाघ प्रसंस्करण विभाग, उत्तराखंड द्वारा जिले में किए कार्यों की जानकारी दी।

विभाग जिला योजना के अंतर्गत घेरबाड़ की सुविधा, सिंचाई की व्यवस्था के लिए वर्षा जल संचयन टैंको की सुविधा दे रहा है। साथ ही विभाग राज्य सेक्टर योजना एकीकृत बागवानी विकास के अंतर्गत फलों का रोपण और फलों की पैकेजिंग बॉक्स की सुविधा भी दे रहा है।

Address

उद्यान एवं खद्य प्रंसस्करण विभाग, राजकीय उद्यान, सर्किट हाउस
Dehra Dun
248001

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