DSP Krishna Pal Singh

DSP Krishna Pal Singh Deputy Superintendent of Police at M.P. State police service

09/08/2025
19/07/2025

No police officer just by being a police officer can call for any CDR of any citizen of the country, without there being any investigation," the court observed, stressing the limits of police powers when it comes to private data.
The CDR records of any person is a personal, private detail governed by the Right to Privacy as elucidated by the Honourable Supreme Court in Justice Puttaswamy's case. The authority to call for a CDR... is required to be exercised only by an investigating officer, if the investigating officer is of the opinion that the CDR details is required, in order to investigate any particular crime.

Case Title: Vidya M V AND Bhavana S

Case No: WP 14869/2025

ब्लैक बक(कृष्ण मृग)=============ब्लैकबक या कृष्णमृग या भारतीय मृग, भारत और नेपाल में पाई जाने वाली मृग प्रजाति है यह राज...
28/06/2025

ब्लैक बक(कृष्ण मृग)
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ब्लैकबक या कृष्णमृग या भारतीय मृग, भारत और नेपाल में पाई जाने वाली मृग प्रजाति है यह राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा और अन्य क्षेत्रों में (संपूर्ण प्रायद्वीपीय भारत में) व्यापक रूप से पाए जाते है इसे घास के मैदान का प्रतीक माना जाता है
इसे चीते के बाद दुनिया का दूसरा सबसे तेज़ दौड़ने वाला जानवर माना जाता है यह एक दैनंदिनी मृग (Diurnal Antelope) है अर्थात् यह मुख्य रूप से दिन के समय ज़्यादातर सक्रिय रहता है यह आंध्र प्रदेश, हरियाणा और पंजाब का राज्य पशु है यह हिंदू धर्म के लिये पवित्रता का प्रतीक है क्योंकि इसकी त्वचा और सींग को पवित्र अंग माना जाता है। बौद्ध धर्म के लिये यह सौभाग्य (Good Luck) का प्रतीक है। मध्यप्रदेश के डिंडोरी के कारोपानी में यह पाया जाता है कारोपानी लुप्तप्राय श्याम मृग अर्थात काले हिरणों और धब्बेदार हिरणों के लिए प्रसिद्ध है | यहाँ हिरण पहाड़ियों के बीच किसी भी समय उछलते -कूदते देखे जा सकते हैं कारोपानी वन्य जीवों और मनुष्यों के सह-अस्तित्व का जीता जगता उदाहरण है यहाँ मनुष्य और हिरण एक दूसरे को नुकसान पहुचाये बिना बड़े ही शान्ति से रहते हैं ये कई सदियों से इसी प्रकार रहते आ रहे हैं गाँव वालों को इन निर्दोष जानवरों के संरक्षण का श्रेय देना चाहिये जिन्होंने हिरनों की सुरक्षा की अपनी जिम्मेदारी समझी और शिकारियों से हिरनों की रक्षा की पार्क से लगा हुआ ही कारोपानी गाँव है कारोपानी एक वन ग्राम है जो म.प्र. फारेस्ट के अंतर्गत आता है इन काले हिरणों का संरक्षण और देखरेख फोरस्ट विभाग करता है वर्ष 2020 में मंडला से अमरकंटक जाते समय यह फोटो लिया गया था।

कल्पा (19.3.2025)=============हिमाचलप्रदेश के किन्नौर जिले के जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से 10 कम की दूरी पर कल्पा गांव दर्...
23/05/2025

कल्पा (19.3.2025)
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हिमाचलप्रदेश के किन्नौर जिले के जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से 10 कम की दूरी पर कल्पा गांव दर्शनीय हिल स्टेशन है यहां पर हिंदू और बौद्ध/तिब्बती संस्कृति का मिला जिला रूप देखने को मिलता है साथ ही वाइल्ड लाइफ की भी बहुलता है सुसाइड प्वाइंट, किन्नर कैलाश व्यू प्वाइंट, हिंदू और बौद्ध मंदिर प्रसिद्ध है। किन्नौर के प्रसिद्ध सेब और किन्नौर शैली में लकड़ी पर नक्काशी कर बनाए गए दरवाजे विश्व प्रसिद्ध है।

चिटकुल/छितकुल(18 मार्च,2025)=======================हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में सतलुज की सहायक नदी बेस्पा की घाटी म...
21/05/2025

चिटकुल/छितकुल(18 मार्च,2025)
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हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में सतलुज की सहायक नदी बेस्पा की घाटी में सांगला से 23 किलोमीटर की दूरी पर बसा एक छोटा सा गांव छितकुल अपने बर्फ से आच्छादित पहाड़ों तथा वेस्पा नदी के अद्वितीय दृश्यो के लिए प्रसिद्द है सांगला से छितकुल की यात्रा प्राकृतिक सौंदर्य से भरी पड़ी है छितकुल को चीन बोर्डर पर आखिरी गांव भी कहा जाता है यह समुद्र तल से 11320 फीट की ऊंचाई पर बसा है यहां भारत चीन बोर्डर पर हिंदुस्तान का आखिरी ढाबा और आखिरी पोस्टऑफिस देखने योग्य है सर्दियों में यह पूरा क्षेत्र जबरदस्त ठंड और कई फीट बर्फ से जमा रहता है -10°C की तैयारी के साथ ही छितकुल जाना चाहिए।

30/04/2025
30/04/2025

किन्नौर(17 मार्च,2025)
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किन्नौर हिमाचल प्रदेश के पूर्वोत्तर के कोने में स्थित एक जिला है, जो पूर्व में तिब्बत से घिरा हुआ है। यह शिमला से लगभग 235 किलोमीटर दूर एक अत्यधिक सुंदर जिला है। ज़ांस्कर, ग्रेटर हिमालय और धौलाधार यहां की तीन उच्च पर्वत श्रृंखलाएं हैं। सतलुज किन्नौर की मुख्य नदी है और स्पीति, बसपा इसकी सहायक नदियाँ हैं। सतलुज नदी घाटी से किन्नौर में पहुंचने का मार्ग रोमांच से परिपूर्ण है। इस मार्ग की विशेषता यह है कि यह दुनिया के सबसे खतरनाक मार्गों में से एक है। यह सड़क पहाड़ों को काटकर बनाई गई है और संपूर्ण यात्रा को रोमांच से भर देती है। इस सड़क पर गुजरते समय आकाश की ओर देखने पर ऐसा लगता है कि हमारे ऊपर पहाड़ों की छत हो और हम पहाड़ के अंदर प्रवेश कर गए हों। इस सड़क पर ड्राइविंग करना स्वयं में चुनौती है और पत्थरों का पहाड़ से गिरने का हमेशा डर भी रहता है। वैली की शुरुआत में किन्नौर में प्रवेश के समय प्राकृतिक और मानवीय प्रयासों से बना एक प्रवेश द्वार भी है, जो दर्शनीय है। शिमला कुल्लू की चमक धमक भीड़भाड़ से इतर यहां शांति है यह जगह अपनी धार्मिक संस्कृति के लिए जानी जाती है वन और वन्यजीवों की बहुलता है समग्र रूप से कहा जाए तो यहां पर हम पहाड़ी संस्कृति को उसके स्वाभाविक रूप में देख सकते हैं।



Sanchi
31/05/2023

Sanchi

30/05/2023

At gangulpara district balaghat

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