21/03/2026
*जनमुक्ति आंदोलन के द्वारा वनवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए आमसभा का आयोजन किया गया*
दिनांक 19/03/2026 को कैमूर जिला के अधौरा प्रखंड के मैदान में जनमुक्ति आंदोलन के घटक 'कैमूर मुक्ति आंदोलन' के कार्यकर्ताओं के साथ आमसभा आयोजित की गयी। सभा का विषय जंगलों में रहने वाले आदिवासियों के जीवन में वनाधिकार से संबंधित परेशानियों को जानना,अधिकारियों को आम वनवासियों की परेशानी से अवगत कराना और उन्हें वनाधिकार क़ानून के पहलुओं से अवगत कराना था। इसी उद्देश्य से जनमुक्ति आंदोलन के राष्ट्खरवार, नावानगरी गाँव के बजरंगी अगरिया, डुमरखोन गाँव के धर्मेंद्र साइ खरवार, गुल्लू गाँव के राजेंद्र उड़ाँव, दिघार गाँव के रामलाल राम, नेउरु आठन के साहब सिंह खरवार, कदहरकला गाँव के जगदयाल खरवार, कोथिलावर गाँव के सत्यनारायण सिंह, दीघार ग्राम के साथ जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के रूप में जिला कल्याण पदाधिकारी, कैमूर और प्रखंड प्रशासन के प्रतिनिधि के रूप में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, अधौरा भी उपस्थित थे। सभा में करीब डेढ़ दर्जन पंचायतों से आए हुए दो सौ से अधिक महिला-पुरुष उपस्थित हुए।
सर्वप्रथम संगठन के महासचिव श्री हरिलाल प्रसाद ने 'जनमुक्ति आंदोलन' की स्थापना, कार्यों और कार्यशैली के बारे में बताया। फिर 'कैमूर मुक्ति मोर्चा' के संयोजक हीरालाल शर्मा ने सभा के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह सभा आदिवासियों वनाधिकार के मुद्दों को जानने, आदिवासियों को वनाधिकार प्राप्त होने में आनेवाली कठिनाई के मार्गदर्शन के लिए तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर उनका समाधान करने के लिए बुलायी गयी है।
तत्पश्चात गोइयाँ गाँव के सिपाही सिंह खरवार, नावानगरी गाँव के बजरंगी अगरिया, डुमरखोन गाँव के धर्मेंद्र साइ खरवार, गुल्लू गाँव के राजेंद्र उड़ाँव, दिघार गाँव के रामलाल राम, नेउरु आठन के साहब सिंह खरवार, कदहरकला गाँव के जगदयाल खरवार, कोथिलावर गाँव के सत्यनारायण सिंह, दीघार गाँव के बनारसी अगरिया, तुरिया गाँव के रामजन्म, भरहेड़ा गाँव के जगदीश अगरिया, बहेड़ा गाँव के बनारसी अगरिया, कोठीलाबार गाँव के जमींदार सिंह खरवार, ओल्दार गाँव के रामजीवन सिंह खरवार,नोगोइयाँ गाँव के रामधारी उड़ाँव आदि ने अपनी समस्याएँ रखीं।
इस आमसभा की जानकारी प्राप्त होने पर झंझट सिंह खरवार, जोगिंदर सिंह खरवार आदि पड़ोसी जिले रोहतास के भी शामिल हुए और उन्होंने अपनी बातें रखीं।
विभिन्न गाँवों से आए हुए इन लोगों ने मुख्य रूप से बताया कि वे लोग कई पुश्तों से अपने स्थान पर बेस हैं। उन्होंने वनाधिकार कानून 2006 के अनुरूप अपना दावा पत्र भी दाखिल किया था, परंतु उसका क्या हुआ, इसकी खबर उन्हें अभी तक नहीं है। कई लोग अभी तक दावा पत्र इसलिए नहीं भर पाये, क्योंकि वे उसे भर नहीं सकते और किसी ने उनकी सहायता नहीं की। इस बीच वन विभाग के कर्मचारी उनके घरों को ढाह दे रहे हैं और उजाड़ देने की धमकी देते हैं। बजरंगी अगरिया ने बताया कि उसके गाँव में 25 घर तोड़ दिए गए हैं। प्रायः सभी लोगों ने बताया कि उनके सुनने में आया है कि इस क्षेत्र में 'टाइगर प्रोजेक्ट' शुरू किया जा रहा है, जिसके कारण कई गाँवों के लोगों को विस्थापित किया जाएगा। इसकी दहशत उनके बीच व्याप्त है। इसके अलावा अनेक लोगों की अनेक लोगों की शिकायत थी कि तेंदू पत्ता, हर्रे-बहेड़ा आदि चुनने पर वन विभाग के कर्मचारी उन्हें प्रताड़ित करते हैं। इन कारणों से कई लोगों को जेल भेज दिया जाता है। अपनी परेशानियों को बताते हुए कई लोग रोने लग जा रहे थे।
आम लोगों की परेशानियों को जानने के बाद वनाधिकार क़ानून के विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रियदर्शी ने अत्यंत सरल ढंग से उन्हें वनाधिकार क़ानून 2006 के बारे में जानकारी दी और बताया कि दावा पत्र भरते समय उन्हें प्रमाण के रूप में कौन कागज देने हैं। कई बार सही प्रमाण प्रस्तुत करने के कारण दावा ख़ारिज हो जाता है। उन्होंने यह वादा किया कि वे गाँव में रहकर फॉर्म भरने में उनकी सहायता करेंगे।
जिला कल्याण पदाधिकारी ने अपने वक्तव्य में उन्हें विश्वास दिलाया कि उन्होंने उनकी समस्यायें सुनी हैं और जिलाधिकारी के साथ विमर्श करके वे सहानुभूतिपूर्वक उनकी समस्याओं का निदान करने की कोशिश करेंगे।
संगठन के अध्यक्ष श्री व्यास जी ने अपने संबोधन में उनकी समस्याओं के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि जनमुक्ति आंदोलन पीड़ितों की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर रहा है। लोगों की वास्तविक समस्याओं को जानने के लिए ही जिलाधिकारी ने अपने प्रतिनिधि के रूप में जिला कल्याण पदाधिकारी को यहाँ भेजा है। सभा से निकलकर वे ख़ुद भी जिलाधिकारी से मिलकर उन लोगों की समस्याओं के यथाशीघ्र निदान का अनुरोध करेंगे। उन्होंने आम लोगों को यह भी आश्वासन दिया कि वे वन विभाग के अपर मुख्य सचिव से मिलकर अनुरोध करेंगे कि वे वन विभाग के कर्मचारियों को वनवासियों को तंग न करने और न डराने का निर्देश जारी करें।
अन्य वक्ताओं में डॉ० अनिल कुमार राय, जनार्दन शाही आदि ने भी अपनी बातें रखीं।
अधौरा से लौटकर भभुआ में संगठन के अध्यक्ष श्री व्यास जी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी,कैमूर से मिला और उनसे अनुरोध किया कि बड़े पैमाने पर हो रही इस परेशानी के निदान के लिए गाँव में कैम्प आयोजित कर इसका निदान किया जाये। जिलाधिकारी ने बहुत सकारात्मक रूप से इसे स्वीकार किया और समस्याओं के निदान का आश्वासन दिया।