25/05/2026
शीर्षक: सजल आँखें
वो अधूरी चाय रोहन हमेशा की तरह कैफ़े के उसी कोने वाली टेबल पर बैठा था। सामने चाय के दो कप रखे थे। एक कप से भाप उड़ रही थी, और दूसरा कप पूरी तरह ठंडा हो चुका था।पिछले तीन सालों से यह रोहन का रोज़ का नियम था। ठीक शाम के 6 बजे यहाँ आना, दो चाय का आर्डर देना और खिड़की से बाहर ताकते रहना। लोग उसे पागल समझते थे, लेकिन कोई नहीं जानता था कि उस ठंडी हो चुकी चाय के कप में उसकी ज़िंदगी का सबसे खूबसूरत और सबसे दर्दनाक अतीत छुपा था।वह कप सिया का था। सिया, जो तीन साल पहले एक हादसे में उसे हमेशा के लिए छोड़ कर चली गई थी। रोहन का शरीर तो ज़िंदा था, लेकिन उसका दिल और उसकी रूह उसी शाम ठहर गए थे। उसकी आँखें हमेशा सजल (नम) रहती थीं। उसने खुद को एक ऐसी जेल में बंद कर लिया था, जिसकी चाबी उसने खुद ही खो दी थी।"सर, क्या मैं यहाँ बैठ सकती हूँ?" एक सौम्य आवाज़ ने रोहन का ध्यान भटकाया।रोहन ने चौंककर ऊपर देखा। सामने एक बुजुर्ग महिला खड़ी थीं, जिनकी आँखों में एक अजीब सा ठहराव और ममता थी। रोहन ने धीरे से सिर हिलाया और अपनी नम आँखें छुपाने के लिए नीचे देखने लगा।बुजुर्ग महिला ने ठंडी हो चुकी चाय के कप को देखा और फिर रोहन के उदास चेहरे को। वह सब समझ गईं। उन्होंने बहुत प्यार से रोहन का हाथ छुआ और कहा, "बेटा, यादें दिल में रखने के लिए होती हैं, ज़िंदगी को रोकने के लिए नहीं।"रोहन की आँखों से आँसू छलक पड़े, "मैं कैसे आगे बढ़ूँ (Move on)? इस कप को हटा दूँगा, तो लगेगा कि मैंने उसे पूरी तरह खो दिया।"
महिला मुस्कुराईं, उनकी आँखें भी थोड़ी नम हुईं। उन्होंने कहा, "जिसने तुम्हें प्यार किया, वो तुम्हें इस तरह घुटते हुए देखने के लिए नहीं छोड़ कर गया। तुम चाय का दूसरा कप सामने रखकर उसके जाने का शोक मना रहे हो, जबकि तुम्हें उस प्यार का जश्न मनाना चाहिए जो उसने तुम्हें दिया। मूव-ऑन करने का मतलब भूलना नहीं होता, बेटा। मूव-ऑन का मतलब होता है उस खूबसूरत अतीत को दिल के एक कोने में सहेज कर, आने वाले कल का स्वागत करना।"महिला की बातें रोहन के दिल में सीधे उतर गईं। उसे लगा जैसे बरसों से जमा बर्फ पिघल रही हो। उसने पहली बार महसूस किया कि खुद को इस दर्द में तड़पाकर वह सिया के प्यार का अपमान कर रहा था।रोहन ने गहरी सांस ली। अपनी सजल आँखों को पोंछा।
उसने वेटर को बुलाया और कहा, "यह ठंडा कप हटा दीजिए... और मुझे एक नई, गर्म चाय दीजिए।"उस दिन रोहन ने कैफ़े से बाहर कदम रखा, तो उसकी आँखों में अब भी आँसू थे, लेकिन इस बार उन आँसुओं में दर्द नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की एक नई उम्मीद और एक नई शुरुआत की चमक थी।
मूव-ऑन (Move On) करने का मतलब किसी को भूलना नहीं, बल्कि उसकी खूबसूरत यादों के साथ ज़िन्दगी गुजारना इसे ही कहते है मोहब्बत कभी खतं नही होती
: #सजलआँखें