04/09/2026
जिस स्कूल ने हमें उड़ना सिखाया… आज उसी स्कूल के लिए कुछ करने का वक्त आया है!
कुछ रिश्ते जिंदगी के साथ नहीं चलते…
जिंदगी भर साथ रहते हैं।
ऐसा ही रिश्ता है नवोदय और नवोदयन का।
आज जवाहर नवोदय विद्यालय, पचपदरा,बाड़मेर के परिसर में हमारे 2001 बैच की ओर से एक ऐसे ही रिश्ते को निभाने की खूबसूरत शुरुआत हुई और
‘पैरेंट्स वेटिंग हॉल’ के निर्माण की नींव रखी गई।
यह सिर्फ ईंट-पत्थरों से बनने वाला एक हॉल नहीं है…
यह हमारी मातृसंस्था के प्रति कृतज्ञता, अपनापन और जिम्मेदारी की नींव है।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस भव्य हॉल का निर्माण कार्य पूरा कर दिसंबर 2026 के एलुमनी डे पर इसे विद्यालय परिवार को समर्पित किया जाएगा। 🙏
इस दौरान विद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया गया, क्योंकि हम चाहते हैं कि आज की हमारी छोटी-सी पहल आने वाली पीढ़ियों को भी यह एहसास कराए कि—
“नवोदय से निकलने के बाद नवोदय को भूलना नहीं है,
बल्कि अपनी सफलता का थोड़ा-सा हिस्सा उस आँगन को लौटाना है,
जहाँ से हमारी कहानी शुरू हुई थी।”
इस ऐतिहासिक एवं भावुक अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री हरनाथ सिंह चारण, डॉ. बाबूलाल चौधरी, दिलीप गहलोत, नवीन डाभी, उपेन्द्र कुमार पुनड, जेठा राम तंवर, रवि खारवाल, डॉ. अशोक माली सहित विद्यालय फैकल्टी, हॉस्टल वार्डन, वर्तमान विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में पूर्व नवोदयन उपस्थित रहे।
🙏 हमारे 2001 बैच के सभी साथियों को दिल से साधुवाद।
कभी हम इस विद्यालय के विद्यार्थी थे…
आज इस विद्यालय के लिए कुछ करने का सौभाग्य मिल रहा है।
इससे बड़ी खुशी और क्या होगी!
पौधा आज लगाया है, छांव आने वाली पीढ़ियाँ पाएंगी।
हॉल आज बन रहा है, सुविधा आने वाली पीढ़ियाँ पाएंगी।
और नवोदय से रिश्ता… हमेशा यूँ ही बना रहेगा।
नवोदय हमारा विद्यालय नहीं…
हमारी पहचान है।
ोदय
Santosh Sahharan
Santosh Chouudhary