29/07/2026
क्या आपको पता है कि हिंदुस्तान की प्रजनन दर अब रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे आ चुकी है? इसका भविष्य की जनसंख्या पर क्या असर पड़ेगा ? क्या जनसंख्या अब काम होना शुरू हो गयी है । ?
आइए डाटा आधारित इसका विश्लेषण करते है , और समझने का प्रयास करते हैं ।
भारत सरकार का स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय NFHS सर्वे कराता है ।
NFHS का सीधा मतलब NATIONAL FAMILY HEALTH SURVEY ।
इसकी सबसे हालिया रिपोर्ट NFHS-6 (2023–24) जो 29 मई 2026 को जारी हुई के अनुसार भारत की कुल TFR 2.0 है , जो जनसंख्या के रिपलेसमेंट लेवल TFR 2.1 से भी कम है । जनसंख्या के रिपलेसमेंट लेवल का सीधा सा अर्थ यह हुआ कि जब किसी देश की जनसंख्या का TFR 2.1 हो जाता है तो वहाँ की जनसंख्या स्थिर हो जाती है , और TFR इससे कम होने पर जनसंख्या धीरे धीरे कम होना शुरू हो जाती है । वर्तमान मे हिंदुस्तान की जनसंख्या लगभग 147 करोड़ है जो कि विश्व मे सर्वाधिक है , हम चीन को कब का पछाड़ चुके है । तो अब यह कहना कि हम 150 करोड़ का आकडा नही छू पाएंगे शायद सच ही होगा । वो रोहित शर्मा थे जिन्हे 150 के आँकड़े से विशेष लगाव था शायद अब हिंदुस्तान को 150 के आँकड़े से लगाव नहीं रहा । क्योंकि रोहित शर्मा ने सन्यास ले लिया है ।
अब बात आती है कि TFR क्या होता है इसका सीधा सा मतलब होता है TOTAL FERTILITY RATE / कुल प्रजनन दर सरल शब्दों मे कहें तो एक महिला अपने जीवन काल मे औसत रूप से जितने बच्चों को जन्म देती है उसे TFR कहते है । मतलब अगर TFR 2.1 है और 1000 महिलाओ का औसत लिया जाए तो बच्चों की संख्या 2100 होगी ।
अगर TFR 2.36 है और 1000 महिलाओ का औसत लिया जाए तो बच्चों की संख्या 2360 होगी ।
संभव है इन्ही रिपोर्ट / बदलते जनसांख्यिकीय रुझानों (Demographic Trends ) आदि के आधार पर सरकार ने अपनी जनसंख्या नियंत्रण की प्राथमिकता में बदलाव आया हो । अब जनसंख्या नियंत्रण पर सरकार उतना जोर नही दे रही है । हालांकि इसके पीछे कई अन्य सामाजिक और आर्थिक कारण भी हो सकते हैं।
बचपन से सुनते आ रहे नारे जैसे छोटा परिवार सुखी परिवार , हम दो हमारे दो अब सुनायी नही देते है ।
दक्षिण कोरिया , जापान , रूस , सिंगापुर और यहाँ तक कि चीन ( चीन ने पहले One Child Policy अपनाई थी, बाद में Two Child और अब Three Child Policy को प्रोत्साहित कर रहा है ) जैसे देश जनसंख्या बढ़ाने के लिए अपने नागरिकों को प्रोत्साहित कर रहे है और आर्थिक लाभ / बोनस आदि दे रहे है ।
"यह लेख किसी राजनीतिक या धार्मिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक आँकड़ों के आधार पर लिखा गया है।"
Source :
• NFHS-6 (2023–24), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय , भारत सरकार (MoHFW, GoI)
• NFHS-5 (2019–21) , स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय , भारत सरकार (MoHFW, GoI)
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