Gaurav Singh

Gaurav Singh 🇮🇳

05/08/2024

#जयश्रीराम

31/03/2024

Why not Congress Mukt BHARAT.

08/01/2024

जय श्री राम 🪔🚩

𝗢𝘂𝗿 𝗟𝗲𝗮𝗱𝗲𝗿 𝗜𝘀 𝗪𝗼𝗿𝗹𝗱𝘀 𝗠𝗼𝘀𝘁 𝗣𝗼𝗽𝘂𝗹𝗮𝗿 𝗟𝗲𝗮𝗱𝗲𝗿!With 76% rating, PM Shri  yet again tops the Global Approval Ratings to become ...
09/12/2023

𝗢𝘂𝗿 𝗟𝗲𝗮𝗱𝗲𝗿 𝗜𝘀 𝗪𝗼𝗿𝗹𝗱𝘀 𝗠𝗼𝘀𝘁 𝗣𝗼𝗽𝘂𝗹𝗮𝗿 𝗟𝗲𝗮𝗱𝗲𝗿!

With 76% rating, PM Shri yet again tops the Global Approval Ratings to become the “World’s Most Popular Leader”.

PM Modi’s excellent administrative & legislative experience spanning decades coupled with empathetic leadership has found him place in hearts of millions of Indians.

12/11/2023

पहला दीया - घर को,
दूसरा दीया - जल को,
तीसरा दीया -उज्ज्वला को,
चौथा दीया - सम्मान को,
पांचवा दीया, उसे जिसने हमें ये सब दिया यानी - कमल को।

बीजेपी परिवार की ओर से दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।

शुभ दीपावली!

21/09/2023



#नारी शक्ति वंदन

10/09/2023

#भारत

बहुत लोगों के मन में प्रश्न है की सूर्य का अध्ययन सूर्य के पास जाकर इसरो कैसे करेगा..!!जवाब है लैग्रेंज प्वाइंट ::  इसरो...
02/09/2023

बहुत लोगों के मन में प्रश्न है की सूर्य का अध्ययन सूर्य के पास जाकर इसरो कैसे करेगा..!!

जवाब है लैग्रेंज प्वाइंट :: इसरो का AdityaL1 Point-L1 पर बैठेगा।

लैग्रेंज बिंदु अंतरिक्ष में एक ऐसा पॉइंट है, L1 एक ऐसा स्थान है, जहां से सूर्य का चौबीसों घंटे अवलोकन किया जा सकता है. ये वो जगह है जहां धरती और सूरज के गुरुत्वाकर्षण के बीच एक बैलेंस बन जाता है. धरती और गुरुत्वाकंर्षण के बीच बैलेंस होने से एक सेंट्रिफ्यूगल फोर्स बन जाता है, इस फोर्स की वजह से कोई भी स्पेसक्राफ्ट एक जगह स्थिर रह सकता है. इसके अलावा इस स्‍थान को दिन और रात की साइकिल प्रभावित नहीं करती. यहां से सूरज सातों दिन और 24 घंटे दिखाई पड़ता है. वहीं ये पॉइंट पृथ्वी के नजदीक है और यहां से संचार में काफी आसानी होती है. इस कारण ये स्‍थान स्‍टडी के लिहाज से अच्‍छा माना जाता है.

और पृथ्वी और सूर्य के बीच 5 लैग्रेंज बिंदु हैं।
इनमें L1, L2, L3, L4 और L5 शामिल है। आदित्य एल1 के नाम से ही ये समझना आसान हो जाता है कि इसरो का ये यान ऑर्बिट के L1 पॉइंट के पास जाएगा.. और सूर्य के पास के इस L1 पॉइंट से बिना किसी बाधा के सूर्य का सीधा व्यू मिलेगा।

आदित्य एल-1 को अंतरिक्ष में 'लैग्रेंज प्वाइंट' यानी एल-1 कक्षा में स्थापित किया जाएगा। इसके बाद यह ये सैटेलाइट सूर्य पर होने वाली गतिविधियों का 24 घंटे अध्ययन करेगा। एल-1 सैटेलाइट को पृथ्वी से 15 लाख किलोमीटर दूर स्थापित किया जाएगा

जब दो विशाल खगोलीय पिंड एक बिंदु पर असंतुलित गुरुत्वाकर्षण बल लगाते हैं, तो वे उस बिंदु पर जो कुछ भी है उसकी कक्षा बदल देते हैं। लैग्रेंज बिंदुओं पर, दो बड़े पिंडों के गुरुत्वाकर्षण बल और केन्द्रापसारक बल एक दूसरे को संतुलित करते हैं। लैग्रेंज बिंदु पर एक पिंड अपेक्षाकृत स्थिर होता है और वहां लंबे समय तक रह सकता है क्योंकि उन्हें कक्षा में बार-बार सुधार की आवश्यकता नहीं होगी।

आइए हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उज्जवल भविष्य का निर्माण करते हुए अपने देश के विकास और बेहतरी में योगदान देने का संकल...
15/08/2023

आइए हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उज्जवल भविष्य का निर्माण करते हुए अपने देश के विकास और बेहतरी में योगदान देने का संकल्प लें.
स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं! जय हिन्द!
#स्वतंत्रता_दिवस

14/07/2023

देश की शक्ति देश की शान चंद्रयान-3

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