Sumit Kumar Yadav

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Sumit Kumar Yadav जीवन है छोटा, शक्ति है सीमित और समय है अल्प�

ऊर्जा असीमित और लुप्त है ब्रम्हांड के प्रत्येक वस्तु, जंतु,जीव etc में है,तीन प्रकार की ऊर्जा है नकारात्मक(तम), सकारात्म...
10/08/2024

ऊर्जा असीमित और लुप्त है
ब्रम्हांड के प्रत्येक वस्तु, जंतु,जीव etc में है,

तीन प्रकार की ऊर्जा है
नकारात्मक(तम), सकारात्मक(रज) और तटस्थ (सत)
यह ऊर्जा प्रत्येक पल परिवर्तित होते रहने के नियम का पालन करती रही है और करती रहेगी।
- सुमित कुमार यादव (विद्यार्थी)

27/07/2023
23/02/2023

इस नश्वर शरीर के श्रेष्ठतम उपयोग का प्रयत्न करना,
💥यज्ञभस्म की मूल शिक्षा है।🔥

23/02/2023

अग्नि की लौ ऊर्ध्वगामिता का संदेश देती है। निरंतर उन्नति के लिए प्रयासरत रहे।
- सनातन धर्म

08/12/2022

नाप डालो शोक का विस्तार जितना है,
तोल दो अवमानना का भार जितना है..
पर्वतों को ठेलकर अब साथ ले चलो..
दो दिखा कि धमनियों में ज्वार कितना है!

है नहीं किसका हृदय अवसाद में डूबा...
कौन है जिसपर समय का कोप न टूटा,
अब उठा लो अंजलि में और पी जाओ,
उगल रखा समय ने अंगार जितना है !

कर रहा विपद प्रमाणित, के हलक में प्राण हैं,
और तेज साक्ष्य है कि रक्त में उफान है...
विफलताएं कह रहीं के विजय अब भी दूर है,
झेल जाओ वज्र सा प्रहार जितना है!

है वही कायर कि जो, मरता मृतक के साथ है,
शोक-संग्रह करके बढ़ना ही मनुज के हाथ है...
एक पंथ साध कर बढ़ते रहो प्रवाह में,
भूल जाओ कौन खाता खार कितना है !

जन्म है भेंट भी, जन्म ही दायित्व भी...
जन्म ही है सेवा भाव, जन्म ही नेतृत्व भी,
जन्म है अवसर, धरा को निहाल कर डालो..
दो दिखा कि हृदय का आभार कितना है

श्रृंखलाएं जोड़ दो, तोड़ डालो रुढि - जाल,
पोंछ डालो लांछनों को, धवल कर दो कुल-कपाल..
शीघ्र सुच्य कर डालो संकटो को आज ही,
कर लिया तुमने ग्रहण, प्रभार जितना है !

तम के सागर में जलाओ, नित नये अब दीप तुम,
कल के रत्नों के लिए बन जाओ कोई सीप तुम..
गूंज उठे विश्व ऐसी कोई गर्जना करो...
व्यक्तित्व हो आकाश का आकार जितना है !

08/12/2022

"Read it...Feel it ....and start it again with full sincerity and efforts....Good Luck!! "

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है
जा जाकर खाली हाथ लौटकर आता है
मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम
संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम
कुछ किये बिना ही जय जयकार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती.

Don't give up..🔥

तीन नियम
10/10/2022

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रहने दो 😊
10/10/2022

रहने दो 😊

जय श्री कृष्ण ❤️🙏
09/10/2022

जय श्री कृष्ण ❤️🙏

24/08/2022

जीवन का सच्चा आनंद, नादानियों में है,😊
अधिक समझदारी,जिदंगी जीने नहीं देती।

-- सुमित कुमार यादव
24/08/2022 at 8:00 am

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