04/10/2026
आज सुल्तानपुर की पावन धरती पर अपने वीर निषाद-मछुआ समाज के कर्मठ नौजवानों, समर्पित अगुआ साथियों और सम्मानित बुजुर्गों द्वारा किए गए इस ऐतिहासिक और जोरदार स्वागत के लिए आप सभी का क्रांतिकारी आभार!
गले में पहनाई गई यह विशाल माला और समाज का यह जोश कोई साधारण स्वागत नहीं है, प्रभु श्रीराम के मित्र महाराजा निषादराज गुह्य के वंशजों के स्वाभिमान, हक और हिस्सेदारी के संकल्प की हुंकार है। आपका यह अटूट भरोसा और यह एकजुटता ही मुझे लखनऊ से दिल्ली तक आपके संवैधानिक अधिकारों और आरक्षण की निर्णायक लड़ाई को अंजाम तक पहुँचाने की असली ताकत देती है।
संघर्ष के रास्ते पर चट्टान की तरह खड़े रहने वाले प्रयागराज के हर एक जांबाज सिपाही और कार्यकर्ता का दिल से क्रांतिकारी अभिवादन!
हमारा नारा—हमारा संकल्प:
संगठित समाज, सुरक्षित भविष्य और अपना संवैधानिक हक!