05/09/2026
सब धरती कागद करूँ, लेखनी सब बनराय ।
सात समुद्र की मसि करूँ, गुरु गुण लिखा न जाय|
अर्थात् यदि इस पूरी पृथ्वी को कागज बना दिया जाए, दुनिया के सारे जंगलों के पेड़ों को कलम (लिखनी) बना दिया जाए और सातों समुद्रों के पानी को स्याही (मसि) बना दिया जाए, तब भी गुरु के महान गुणों और उनके उपकार को पूरा लिखना संभव नहीं है। गुरु का ज्ञान और उनका महत्व अनंत है। जिनके ऋण से कभी उऋण नहीं हो सकते।
ऐसे समस्त गुरुओं को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।🙏🏻💐
Arjun Singh Sikarwar Murli Manohar Arjariya Sarman Lal Babu Sahu N.K. Ahirwar Gulsher Khan Gauri Shankar