17/11/2025
बिहार चुनाव परिणाम के बाद देश के अंदर निजीकरण और भ्रष्टाचार के खतरे और ज्यादा विकराल रूप लेंगे,इसका कारण यह नहीं की मैं कह रहा हूं बल्कि इसलिए की बिहार चुनाव को पूरा देश परिवर्तन की एक शुरुआत के रूप में देख रहा था। पूरा देश यह देख रहा था की बिहार से परिवर्तन की एक बयार शुरू होगी लेकिन परिणाम उल्टा हो गया,जबकि बिहार का जनमानस कुछ और चाहती थी।महागठबंधन के पास पढ़ाई कमाई दवाई रोजगार यह सब मुद्दा था वहीं पर नरेंद्र मोदी के फर्जी राष्ट्रवाद।मै सन्न हूं यह रिजल्ट देखकर की फर्जी राष्ट्रवाद का विजय हो गया और शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार पानी बिजली सड़क सुविधा चुनाव हार गई।अब दो ही कारण हो सकता है इस भयावह रिजल्ट का या तो बिहार की जनता₹10000 में बिक गई या फिर चुनाव आयोग की मदद से भारतीय जनता पार्टी चुनाव जीत गई।
लाल सलाम