15/06/2024
उत्तर प्रदेश या बिहार से होने पर राजनीति में रुचि होना बहुत सामान्य है। आपके अपने विचार, पसंद और नापसंद हो सकते हैं। आप किसी नेता का अनुसरण कर सकते हैं या वर्तमान सरकार की आलोचना कर सकते हैं।
मैं बिहार से हूँ, इसलिए ये गुण मेरे लिए सामान्य हैं। हालांकि मेरी राजनीतिक समझ न्यूनतम है, मुझे लगता है कि बिहार में सुशासन का नारा भ्रामक है। अधिकांश मंत्री भ्रष्ट हैं और अवैध खनन और अवैध शराब की बिक्री जैसी असामाजिक गतिविधियों का समर्थन करते हैं। ये अवैध गतिविधियाँ हमारे राज्य में एक उद्योग बन गई हैं। हर कोई इस बात से अवगत है और प्रशासन इसमें शामिल होकर लाभ कमा रहा है। कुछ लोग इस कारण खुश भी हैं क्योंकि उन्हें इन गतिविधियों के माध्यम से रोजगार मिलता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसमें शामिल लोगों को समाज से पुरस्कार और पहचान मिल रही है, जो बहुत खतरनाक है।
बिहार में सुशासन का नारा अक्सर चुनावी मंचों पर सुनाई देता है, लेकिन वास्तविकता इससे बहुत अलग है। यहां के अधिकांश मंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और अवैध गतिविधियों को समर्थन देते हैं। अवैध खनन और अवैध शराब की बिक्री जैसी गतिविधियाँ राज्य में एक बड़े उद्योग का रूप ले चुकी हैं। इससे न केवल आर्थिक असंतुलन पैदा हो रहा है, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी नुकसान पहुंच रहा है।
बिहार में अवैध खनन और अवैध शराब की बिक्री के कारण सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस कारण राज्य की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। साथ ही, अवैध खनन के कारण प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन हो रहा है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
अवैध गतिविधियों में प्रशासन की मिलीभगत बहुत बड़ा मुद्दा है। प्रशासन के अधिकारी इन अवैध गतिविधियों से अपना हिस्सा लेकर चुप रहते हैं। इससे जनता का प्रशासन पर से विश्वास उठ रहा है। प्रशासनिक भ्रष्टाचार के कारण आम जनता को भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
अवैध गतिविधियों के कारण बिहार में बेरोजगारी और अपराध दर बढ़ रही है। लोग इन अवैध गतिविधियों में रोजगार खोजने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे समाज में अपराध का ग्राफ भी ऊपर जा रहा है। बेरोजगारी के कारण युवा वर्ग गलत रास्तों पर जा रहा है, जो समाज के लिए खतरनाक है।
सबसे खतरनाक पहलू यह है कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को समाज से पुरस्कार और पहचान मिल रही है। यह चलन समाज के लिए बहुत खतरनाक है, क्योंकि इससे भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। समाज का यह रवैया देश के भविष्य के लिए बहुत बड़ा खतरा है।
बिहार की इस स्थिति को सुधारने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। सबसे पहले प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके साथ ही, अवैध खनन और शराब की बिक्री पर रोक लगाने के लिए कड़े कानून लागू करने चाहिए।
इसके अलावा, रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए सरकारी योजनाओं का सही ढंग से कार्यान्वयन किया जाना चाहिए। शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को सही दिशा में मार्गदर्शन देना भी आवश्यक है। समाज को भी अपनी भूमिका को समझना होगा और अवैध गतिविधियों का समर्थन करने वालों को बहिष्कृत करना होगा।