ममलेश मिश्रा

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रिहा करो नपुंसक सरकार हिंदू शेर को...
27/04/2026

रिहा करो नपुंसक सरकार हिंदू शेर को...

📍 प्रयागराज सुरक्षा कर्मियों की बड़ी भर्ती, 29 अप्रैल से 4 जून तक 23 ब्लॉकों में लगेगा रोजगार मेला अवसर का लाभ उठाएं!जनप...
27/04/2026

📍 प्रयागराज सुरक्षा कर्मियों की बड़ी भर्ती, 29 अप्रैल से 4 जून तक 23 ब्लॉकों में लगेगा रोजगार मेला अवसर का लाभ उठाएं!

जनपद प्रयागराज में बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर सामने आया है। जिला मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला विकास अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि 29 अप्रैल 2026 से 4 जून 2026 तक जनपद के 23 विकास खण्ड मुख्यालयों पर सुरक्षा सैनिक, सुरक्षा सुपरवाइजर एवं सुरक्षा अधिकारी पदों के लिए भर्ती शिविर आयोजित किए जाएंगे।

यह भर्ती शिविर GDX India Ltd के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जो देश-विदेश में सुरक्षा सेवाएं प्रदान करने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनी है। शिविर का समय प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित किया गया है। भर्ती अभियान की शुरुआत 29 अप्रैल को कौड़िहार ब्लॉक से होगी और 4 जून को भगवतपुर ब्लॉक पर समाप्त होगी। इस दौरान होलागढ़, मऊआइमा, सोरांव, बहरिया, फूलपुर, बहादुरपुर, प्रतापपुर, सैदाबाद, धनुपुर, जसरा, शंकरगढ़, चाका, करछना, कौंधियारा, उरुवा, मेजा, कोरांव, मांडा, सहसो, श्रृंगवेरपुर धाम एवं भगवतपुर सहित सभी प्रमुख विकास खण्डों में शिविर लगाए जाएंगे।

सुरक्षा सैनिक पद के लिए अभ्यर्थी का हाईस्कूल पास होना अनिवार्य है, जबकि सुरक्षा सुपरवाइजर के लिए इंटरमीडिएट एवं सुरक्षा अधिकारी के लिए स्नातक होना जरूरी है। शारीरिक मानकों में न्यूनतम लंबाई 160 सेमी, सीना 70-85 सेमी, उम्र 18 से 40 वर्ष तथा वजन 40 से 90 किलोग्राम के बीच निर्धारित किया गया है। चयनित अभ्यर्थियों को पंजीकरण के लिए 250 रुपये (सुरक्षा अधिकारी हेतु 500 रुपये) जमा करने होंगे। इसके बाद उन्हें कंपनी के ट्रेनिंग सेंटर में एक माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा और प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद स्थाई तैनाती दी जाएगी।

नौकरी के दौरान अभ्यर्थियों को पीएफ, ईएसआई, बोनस, ग्रेच्युटी, बीमा, पेंशन सहित अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। साथ ही 65 वर्ष तक स्थाई रोजगार, वार्षिक वेतन वृद्धि एवं पदोन्नति का लाभ भी मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी ब्लॉक के अभ्यर्थी अपनी सुविधा अनुसार किसी भी शिविर में शामिल हो सकते हैं। इच्छुक युवा निर्धारित तिथियों पर अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचकर इस अवसर का लाभ उठाएं।

पहलवानों में “रूस्तम-ए-हिंद  मंगला राय” का नाम बड़े सम्मान से लिया जाता है। “मंगला राय” (1916 – 26 जून, 1976) भारत के एक...
27/04/2026

पहलवानों में “रूस्तम-ए-हिंद मंगला राय” का नाम बड़े सम्मान से लिया जाता है। “मंगला राय” (1916 – 26 जून, 1976) भारत के एक प्रसिद्ध पहलवान थे।

जन्म व परिचय
मंगला राय का जन्म उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद के जोगा मुसाहिब गांव में सन् 1916 के क्वार महीने में हुआ था। उनके पिता का नाम रामचंद्र राय था। रामचंद्र राय और उनके छोटे भाई राधा राय अपने जमाने के मशहूर पहलवान थे। उन्ही की तरह मंगला राय और उनके छोटे भाई कमला राय ने भी कुश्ती में काफी नाम और यश प्राप्त किया। रामचंद्र राय और राधा राय दोनों अपने जवानी के दिनों में जीविकोपार्जन के चलते म्यांमार (बर्मा) के रंगून में रहते थे जहाँ दोनों एक अखाड़े में रोजाना अभ्यास और कसरत करते थे। दोनो भाइयों में राधा राय ज्यादा कुशल पहलवान थे और उन्होंने ही अपने दोनों भतीजों को कुश्ती की पहली तालीम दी और दाव-पेंच के गुर सिखाए।

शेर-ए-बर्मा’ की उपाधि
समय के साथ मंगला बड़े हुए और एक पहलवान की जवानी जोर मारने लगी। तब बर्मा में ईशा नट नामी पहलवान हुआ करता था। एक रोज हो गई मंगला राय की ईशा से भिड़ंत और देखते ही देखते भोजपुरिया माटी से रचे-बने मंगला राय ने उसे चारों खाने चित्त कर दिया। इसके बाद उन्हें ‘शेर-ए-बर्मा’ की उपाधि मिली।

‘रूस्तम- ए-हिंद’ की उपाधि
उन्होंने इलाहाबाद के भूमि पर 1933 में उत्तर भारत के मशहूर नामी-गिरामी पहलवान मुस्तफा के साथ कुश्ती लड़ी। उन्होंने अखाड़े में मुस्तफा के खिलाफ अपने सबसे प्रिय दांव ‘टांग’ और ‘बहराली’ का इस्तेमाल किया। मंगला के जोर के आगे मुस्तफा की एक न चली और वह चित्त हो गया। इसके बाद तो मंगला राय के नाम का पूरे देश में डंका बज गया।उन्होंने अकरम लाहौरी, खड्ग सिंह, केसर सिंह, गोरा सिंह, निजामुद्दीन, गुलाम गौस, टाइगर योगेंद्र सिंह सहित कई मशहूर पहलवानों को हराया। 1952 में उन्हें ‘रूस्तम- ए-हिंद’ की उपाधि मिली। वहीं 1954 में ‘हिंद केसरी’ के खिताब से नवाजा गया।

“मंगला राय” नाम से ही घबराते थे बड़े-बड़े पहलवान
इसके बाद बड़े-बड़े पहलवानों को धूल चटाते हुए लगातार बुलंदियों पर चढ़ते रहे। काशी में रहकर गुरु शिवमूरत पंडा के स्नेह से मंगला राय कुश्ती के प्रतिमान बन गए। तत्कालीन मुख्यमंत्री संपूर्णानंद ने प्रसन्न होकर इन्हें चांदी की गदा प्रदान की। मुंबई में शेरा गोरा सिंह को 20 मिनट में चित करने पर मंगला राय की जयकार होने लगी। विदेशों में अपनी विजय पताका फहराने वाले यूरोप के प्रसिद्ध पहलवान जार्ज कांस्टेनटाइन को भी नंदी बागान हावड़ा में वर्ष 1957 में पटकनी दी।

कसरत और भोजन
रोज चार हजार बैठक और ढाई हजार दंड
मंगला राय बहुत ही मजबूत कद-काठी के थे। उनका वजन 131 किलो था, जबकि लंबाई 6 फीट 3 इंच। वे रोज चार हजार बैठकें और ढाई हजार दंड लगाते थे। इसके बाद प्रतिदिन अखाड़े में 25 धुरंधर पहलवानों से तीन बार कुश्ती लड़ा करते थे। वे शुद्ध शाकाहारी और सात्विक व्यक्ति थे। उनके खाने में आधा किलो शुद्ध देसी घी, आठ से दस लीटर दूध और एक किलो बादाम शामिल होता था। कहा जाता है कि उनका जन्म मंगलवार को हुआ था, सो मां-बाप ने उनका नाम मंगला राय रख दिया।

आखिरी बार वे 1963 में अखाड़े में उतरे
कहते हैं कि ढ़लती उम्र में मंगला राय जब अपने गांव जोगा मुसाहिब में ही रहा करते थे तब आखिरी बार वे 1963 में अखाड़े में उतरे। उस वक्त जिला गाजीपुर का कोई कलक्टर था, जिसने अखाड़े में खड़े पहलवान मेहरूद्दीन के खिलाफ मंगला राय को ललकार दिया। कलक्टर ने उनकी दुखती रग पर हाथ रखते हुए कुछ ऐसी बात कह दी, जो वहां खड़े गाजीपुर के लोगों को लग गई। सबों ने मंगला राय से एक स्वर में कहा, ‘बाबा लड़ जाईं ना त गाजीपुर के इज्जत ना रही।’ इतनी बात सुनते ही बूढ़ी हो चली हड्डियों में जुंबिश हुई और दुनिया के नामी-गिरामी पहलवानों को धूल चटा चुके मंगला राय लंगोट पर हो गए।

अखाड़े में दांव-पेंच शुरू हुए। एक तरफ शबाब लिए मेहरूद्दीन की जवानी और दूसरी तरफ मंगला की बूढ़ी हो चली काया। बावजूद मंगला राय ने गाजीपुर वालों को निराश नहीं किया। अपनी माटी की लाज रख ली। यह कुश्ती टाई हो गई। हालांकि उम्र के इस पड़ाव पर यही बहुत बड़ी बात थी कि मेहरूद्दीन उन्हें शिकस्त नहीं दे सका।

देश और देश की मिट्टी से बेपनाह मोहब्बत करने वाले इस पहलवान ने 26 जून 1976 को बीमारी के कारण करीब 60 वर्ष की अवस्था में मल्ल विद्या का पुरोधा सदा के लिए विलीन हो गया।

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क्या हिंदुओं को ‘बोलने की आजादी’ का अधिकार समाप्त हो चुका है..? बताए भाजपा बताए RSS..गौतम खट्टर जी तथ्यात्मक बोलें तो FI...
26/04/2026

क्या हिंदुओं को ‘बोलने की आजादी’ का अधिकार समाप्त हो चुका है..? बताए भाजपा बताए RSS..

गौतम खट्टर जी तथ्यात्मक बोलें तो FIR..? और समूचा सिस्टम “मौन” और एक तरफा रवैय्या ये कहां का न्याय है..?

इसीलिए कहता हूँ संगठित हो जाओ और अपनों का साथ दो और इन राजनैतिक दलों का पूजा करना बंद करो इनका दुकान तब तक हैं जब तक आप इनके वैचारिक गुलाम हों।

Gautam Khattar

15/04/2026
15/04/2026

तुम्हें अंबेडकर जयंती मनाना है बिल्कुल मनाओ धूमधाम से मनाओ पर सनातन संस्कृति से खिलवाड़ क्यों कर रहे क्या यह सही है क्या यह संविधान के मर्यादा को भंग नहीं किया जा रहा है..

⚖️🛑अब इसे किस प्रकार से कहा जा सकता है कि यह संविधान के नियमों का अनुपालन एवं समरसता का हाथ बढ़ाया जा रहा है यह तो जानबू...
15/04/2026

⚖️🛑अब इसे किस प्रकार से कहा जा सकता है कि यह संविधान के नियमों का अनुपालन एवं समरसता का हाथ बढ़ाया जा रहा है यह तो जानबूझकर आपसी भाईचारा को खत्म करने आपसी द्वेष एवं रंजिश को जन्म देने का कार्य किया जा रहा है क्या इस पर प्रशासन कड़े रूप अपना कर इसपर कार्रवाई कर सकती है या फिर वही संविधान की झूठी दुहाई देकर उन्हें छोड़ दिया जाएगा।

और बस सिर्फ इसीलिए अंबेडकर जयंती का सवर्ण समाज बहिष्कार करता है और न मानने के अपील करता है क्योंकि यह पूर्ण रूप से समाज के लिए समाज पर धब्बा का एक प्रतीक बनता जा रहा है जिसे सिर्फ सिर्फ मानवता की हानि मानवता पर कुठार घात करने का प्रयास एवं समाज में अराजकता एवं भाईचारे को खत्म करने का एक बेहतरीन स्लोगन है।

ऐसा कहिए देश को बर्बाद करने का एक नया तरीका बनता जा रहा है अंबेडकर जयंती जिसके जयंती से लोगों में सद्भावना आपसी प्रेम एवं भाईचारे का आगाज होना चाहिए उससे सिर्फ देश में आग लगती हो तो कहां तक जायज है यह मानवता और संविधान पर कलंक है।

अंबेडकर जयंती मनाने से पहले अंबेडकर को पढ़ो पर यह तुम करोगे नहीं तुम्हें सिर्फ आग लगाना है नफरत फैलाना है झूठे एजेंडों पर काम करना है कोई कुछ बोले तो फर्जी कानून का सहारा लेना है।

11/04/2026

समाजवादी के तरफ से 19 अप्रैल भगवान परशुराम जयंती के छुट्टी के लिए विधानसभा में बोला गया तो सतीश महान जी कहें अरे छोड़ो ऐसा कोई प्रावधान नहीं है बजाओ ताली..

10/04/2026

यूजीसी पर 15 अप्रैल को अगली सुनवाई होनी है याद है कि नहीं..

यहीं है तुम्हारे हिन्दू हृदय सम्राट क्या...मुख से राम घर में गौमांस अब यह भाजपा के वरिष्ठ नेता तय करें क्या कहेंगे इस पर...
07/04/2026

यहीं है तुम्हारे हिन्दू हृदय सम्राट क्या...

मुख से राम घर में गौमांस अब यह भाजपा के वरिष्ठ नेता तय करें क्या कहेंगे इस पर..क्या इसका जिम्मेदार भी कांग्रेस है या मुसलमान इसका जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ नकाबपोश नकली हिंदू हैं..!

यह सिर्फ हिंदू मुस्लिम के नाम पर देश में आतंक फैला रहे हैं और देश की जनता आपस में लड़कर मर रही है और जनता शिक्षा रोजगार स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को दरकिनार करके आपस में लड़कर मर जाए।

अनपढ़ तो छोड़िए पढ़े लिखे भी इस भेड़ चाल में और इस राजनीतिक बारे में सिर्फ और सिर्फ अपना टारगेट ढूंढ रहे हैं युवा साथियों से यही निवेदन है कि आप लोग संभाल जाइए लोकतंत्र की मर्यादाओं को देखते हुए हमेशा वोट करें किसी का चेहरा देखकर नहीं काम एवं विकास का संतुलन मंथन व्यक्ति के व्यक्तित्व को अवश्य देखें।

बाकी आपकी इच्छा! सीताराम! भगवान ऐसे धर्म द्रोहियों का नकाबपोशी पाखंडी हिंदुओं का सत्यानाश करें!

नाप लिया जाएगा वक्त पर उनको भी जों हमारे हक अधिकार के खिलाफ थे।। इंकलाब जिंदाबाद...जय हिन्द 🇮🇳 👊                  fans
02/02/2026

नाप लिया जाएगा वक्त पर उनको भी जों हमारे हक अधिकार के खिलाफ थे।। इंकलाब जिंदाबाद...जय हिन्द 🇮🇳 👊

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