29/05/2026
*विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का किया गया आयोजन*
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*यह शर्म की नहीं, गरिमा की बात है*– *कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर*
मासिक धर्म स्वास्थ्य, गरिमा और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला प्रशासन आलीराजपुर द्वारा पहली बार विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस का आयोजन किया। इस अवसर पर महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य, सम्मान और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “मिशन सखी स्वाभिमान” का शुभारंभ भी किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में स्थापित गरिमा कक्ष का उद्घाटन किया गया। महिलाओं के लिए अनुकूल एवं सम्मानजनक वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित यह गरिमा कक्ष महिलाओं के लिए सुविधा, सुरक्षा और गरिमा का प्रतीक है। यह पहल प्रशासन और समुदाय के साझा प्रयासों का उदाहरण है, जो महिलाओं की आवश्यकताओं और कल्याण को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अपनी तरह की यह एक अभिनव पहल है, जो देशभर में महिला-अनुकूल सार्वजनिक संस्थानों के निर्माण के लिए एक प्रेरणादायी मॉडल प्रस्तुत करती है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए #कलेक्टर श्रीमती माथुर ने कहा कि “यह शर्म की नहीं, गरिमा की बात है।” उन्होंने कहा कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है और इसके बारे में समाज में खुलकर चर्चा होना आवश्यक है। मासिक धर्म से जुड़े मिथकों, वर्जनाओं, भेदभावपूर्ण व्यवहार तथा अस्पृश्यता जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इस विषय को संकोच नहीं बल्कि सम्मान और गरिमा के साथ देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म संबंधी जानकारी केवल महिलाओं और किशोरियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पुरुषों और लड़कों को भी इसके बारे में जानकारी और संवेदनशीलता विकसित करनी चाहिए। उन्होंने सभी से इस विषय पर खुलकर संवाद करने और समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जल एवं स्वच्छता सलाहकार यूनिसेफ श्री शास्वत नायक द्वारा विश्व मासिक धर्म का 28 मई को मनाए जाने का महत्व बताते हुए कहा कि मासिक धर्म का चक्र 28 दिन का होता है वही मासिक धर्म की अमूमन अवधि 5 दिवस की होती है। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म के प्रति जागरूक होना अति आवश्यक है यह कोई बीमारी नहीं बल्कि एक प्राकृतिक जैविक प्रकिया है जिससे हर माह बालिकाएं- महिलाएं गुजरती है। आवश्यकता सिर्फ इतनी है कि मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता सफाई का ध्यान रखा जाएं और इस बारे में अपनों से चर्चा करते हुए हिचकिचाए नहीं।
मिशन सखी स्वाभिमान को शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) तथा स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों के रूप में विकसित किया गया है, जिसमें यूनिसेफ एवं ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया फाउंडेशन (टीआरआई) का सहयोग प्राप्त है। इस मिशन के माध्यम से जिले में मासिक धर्म स्वास्थ्य, जागरूकता और गरिमा को बढ़ावा देने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे।मिशन के प्रथम चरण में जिले के 25 विद्यालयों को चिन्हित किया गया है, जहां मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन, जागरूकता, किशोर-किशोरियों की सहभागिता तथा सामुदायिक संवेदनशीलता से संबंधित गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसका उद्देश्य मासिक धर्म से जुड़े मिथकों और सामाजिक वर्जनाओं को समाप्त कर एक सकारात्मक एवं सहयोगी वातावरण का निर्माण करना है।
विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के इस प्रथम आयोजन, मिशन सखी स्वाभिमान के शुभारंभ तथा गरिमा कक्ष के उद्घाटन के माध्यम से आलीराजपुर ने मासिक धर्म से जुड़े संवाद को सामान्य बनाने, महिलाओं की गरिमा को सशक्त करने तथा लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह पहल दर्शाती है कि प्रशासनिक नेतृत्व और सामुदायिक सहभागिता मिलकर किस प्रकार सार्थक एवं स्थायी परिवर्तन ला सकते हैं। इस कार्यक्रम में लगभग 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें स्व-सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाएं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, आरकेएसके काउंसलर, किशोरियां एवं किशोर शामिल थे। कार्यक्रम को रोचक एवं सहभागितापूर्ण बनाने के लिए विभिन्न खेलों और गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से मासिक धर्म स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश साझा किए गए। प्रतिभागियों को उनके उत्साहपूर्ण सहभागिता के लिए सम्मानित करते हुए कलेक्टर श्रीमती माथुर द्वारा स्मृति-उपहार भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित समस्त जनों द्वारा सामूहिक मासिक धर्म गरिमा की शपथ ली एवं रेड डॉट चैलेंज के तहत हाथों पर रेड डॉट बनाएं गए।
कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सुश्री निधि मिश्रा, सहायक संचालक (महिला एवं बाल विकास विभाग) सुश्री अंजली चौधरी, जिला कार्यक्रम प्रबंधन स्वास्थ्य विभाग सुश्री प्रीति राठौड़ तथा स्वास्थ्य कार्यक्रम श्री भगवान राठौड़,यूनिसेफ श्री शाश्वत नायक एवं सुश्री डिम्सी जायसवाल, टीआरआई से सुश्री आत्रेयी मित्रा, श्री विकास यादव एवं सुश्री शिफा सादिके, तथा नीति आयोग की एबीएफ फेलो सुश्री साक्षी सहित समस्त संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
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