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परचम पार्टी ऑफ इंडिया का सवाल है ! भ्रष्टाचारी ठेकेदारों के घरो पर बुल्डोजर कब चलेगा ?
05/06/2026

परचम पार्टी ऑफ इंडिया का सवाल है !
भ्रष्टाचारी ठेकेदारों के घरो पर बुल्डोजर कब चलेगा ?

शाहजमाल ईदगाह की घटनाओं की रोशनी में पांच अहम सवालक्या धार्मिक आज़ादी सिर्फ कागज़ों तक सीमित हो चुकी है?नाज़िम इलाही, रा...
29/05/2026

शाहजमाल ईदगाह की घटनाओं की रोशनी में पांच अहम सवाल
क्या धार्मिक आज़ादी सिर्फ कागज़ों तक सीमित हो चुकी है?
नाज़िम इलाही, राष्ट्रीय अध्यक्ष, परचम पार्टी ऑफ इंडिया
ईद-उल-अज़हा के मौके पर शाहजमाल ईदगाह के आसपास जिस तरह का माहौल बनाया गया, उसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया, १४० बैरिकेड लगा दिए गए, एक हजार से ज्यादा पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई, ड्रोन कैमरों से निगरानी हुई और हर तरफ सख्त सुरक्षा का घेरा बना रहा। ऐसा महसूस हो रहा था मानो कोई धार्मिक त्योहार नहीं बल्कि किसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी हो रही हो। इस पूरे मामले को पांच महत्वपूर्ण सवालों की रोशनी में समझने की जरूरत है।

पहला सवाल : जब मुसलमान खुद सड़कों से परहेज़ कर रहे हैं तो फिर यह सख्ती क्यों?

पिछले कई वर्षों से मुसलमान खुद अनुशासन का परिचय देते हुए सड़कों पर नमाज़ से बचने की कोशिश कर रहे हैं। जगह की कमी के बावजूद दो-दो शिफ्टों में नमाज़ अदा की जा रही है। लोग सब्र और कानून के पालन का प्रमाण दे रहे हैं। इसके बावजूद हर साल ईद और जुमे के मौके पर प्रशासन की असामान्य गतिविधियां, सख्त निर्देश और डर का माहौल आखिर क्यों बनाया जाता है? अगर जनता सहयोग कर रही है तो फिर यह आक्रामक रवैया किसलिए?

दूसरा सवाल : क्या कानून सबके लिए बराबर है?

यह सवाल भी बेहद अहम है कि अगर सड़कों पर धार्मिक गतिविधियों से वास्तव में समस्या है, तो फिर यही नियम हर धर्म पर समान रूप से लागू क्यों नहीं होता? एक तरफ कुछ मिनट की नमाज़ को कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बताया जाता है, जबकि दूसरी ओर अन्य धर्मों के जुलूस, धार्मिक कार्यक्रम, लाउडस्पीकर, रास्तों की बंदी और सार्वजनिक स्थानों के इस्तेमाल को परंपरा और आस्था का नाम देकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। क्या कानून की सख्ती सिर्फ मुसलमानों के लिए ही रह गई है?

तीसरा सवाल : क्या मुसलमानों को लगातार शक की निगाह से देखा जा रहा है?

कुर्बानी पर निगरानी, नमाज़ पर पाबंदी, अज़ान पर आपत्ति, मदरसों पर शक और हिजाब पर विवाद। आखिर क्यों हर धार्मिक मामले में मुसलमानों को ही सफाई देनी पड़ती है? शाहजमाल ईदगाह की घटना ने इस एहसास को और गहरा कर दिया कि मुसलमानों को हर समय शक और निगरानी के दायरे में रखा जा रहा है। क्या एक लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष देश में पूरी एक कौम को इस तरह डर और दबाव के माहौल में रखना उचित है?

चौथा सवाल : क्या धार्मिक मामलों को राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा है?

यह भी सोचने वाली बात है कि जब भी देश में महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य या अन्य जनसरोकारों से जुड़े सवाल बढ़ते हैं, अचानक धार्मिक मुद्दे सुर्खियों में आ जाते हैं। मुसलमानों के त्योहार, इबादत और धार्मिक पहचान को बहस का विषय बना दिया जाता है। मीडिया का एक वर्ग भी इसी माहौल को हवा देता है। सवाल यह है कि क्या यह सब महज संयोग है या फिर जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाने की एक राजनीतिक रणनीति?

पांचवां सवाल : क्या प्रशासन की जिम्मेदारी निष्पक्षता नहीं है?

कानून की इज्जत तभी कायम रहती है जब वह सबके लिए बराबर हो। अगर सख्ती सिर्फ एक वर्ग के लिए हो और दूसरों के लिए नरमी, तो फिर यह इंसाफ नहीं बल्कि भेदभाव महसूस होता है। प्रशासन की जिम्मेदारी सिर्फ कानून लागू करना नहीं, बल्कि जनता के भीतर भरोसा पैदा करना भी है। अगर कोई वर्ग खुद को लगातार निशाने पर महसूस करेगा तो इससे बेचैनी और दूरी ही बढ़ेगी।

जरूरत इस बात की है कि प्रशासन निष्पक्षता के साथ काम करे, सभी धर्मों के लिए एक जैसा मानदंड अपनाए और धार्मिक मामलों को संवेदनशीलता के साथ संभाले। इसी तरह मुसलमानों को भी सब्र, समझदारी और एकता के साथ अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते रहना चाहिए। क्योंकि इंसाफ वही होता है जो सबके लिए बराबर हो।

उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच घंटों की बिजली कटौती ने जनता का जीना बेहाल कर दिया है।गांव हो या शहर, आम लोग अंधेरे औ...
24/05/2026

उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच घंटों की बिजली कटौती ने जनता का जीना बेहाल कर दिया है।
गांव हो या शहर, आम लोग अंधेरे और गर्मी में परेशान हैं, लेकिन सरकार सिर्फ विज्ञापन और भाषणों में मस्त है।

जब जनता बिजली, पानी और रोज़गार जैसे बुनियादी मुद्दों पर परेशान हो, तब सत्ता का काम जवाब देना होता है, बहाने बनाना नहीं।

परचम पार्टी ऑफ इंडिया मांग करती है कि अवैध और अघोषित बिजली कटौती तुरंत बंद हो तथा जनता को राहत दी जाए।

पेपर लीक सिर्फ एक प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि लाखों मेहनती युवाओं के भविष्य के साथ खुला धोखा है।आज देश का नौजवान दिन-...
23/05/2026

पेपर लीक सिर्फ एक प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि लाखों मेहनती युवाओं के भविष्य के साथ खुला धोखा है।
आज देश का नौजवान दिन-रात मेहनत करके परीक्षाओं की तैयारी करता है, लेकिन भ्रष्ट व्यवस्था और पेपर माफियाओं की मिलीभगत उसकी उम्मीदों को बार-बार कुचल रही है।

हर पेपर लीक के बाद सिर्फ जांच और गिरफ्तारी का दिखावा किया जाता है, जबकि असली जिम्मेदार लोग बच निकलते हैं।
सरकार को चाहिए कि पेपर लीक मामलों के लिए सख्त और तेज़ कानून लागू करे, दोषियों की संपत्ति जब्त हो और भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।

Parcham Party of India देश के युवाओं के साथ खड़ी है और मांग करती है कि
हर भर्ती परीक्षा निष्पक्ष, सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से कराई जाए ताकि मेहनत करने वाले छात्रों का भरोसा लोकतांत्रिक व्यवस्था पर बना रहे।”

— नाज़िम इलाही
Parcham Party of India (PPI)

11/05/2026

उत्तर प्रदेश में मुसलमानों और दलितों के खिलाफ बढ़ते अपराध, नफरत और अन्याय पर अब सवाल उठाने का समय आ गया है।

परचम पार्टी ऑफ इंडिया इंसाफ, बराबरी और संविधान की रक्षा की आवाज़ बुलंद कर रही है।

झूठे मुकदमे, भेदभाव, अत्याचार और प्रशासनिक पक्षपात के खिलाफ देश के हर कमजोर और मजलूम की लड़ाई जारी रहेगी।

अब जनता अन्याय नहीं, इंसाफ चाहती है।
अब राजनीति नफरत नहीं, भाईचारे और समान अधिकारों की होनी चाहिए।

परचम पार्टी ऑफ इंडिया
— इंसाफ, बराबरी और भाईचारे का परचम

नया विकल्प, नई सोच — अब समय है बदलाव का!ईमानदार राजनीति के साथ परचम पार्टी ऑफ इंडिया लेकर आई है एक मजबूत विज़न:📚 शिक्षा ...
03/05/2026

नया विकल्प, नई सोच — अब समय है बदलाव का!

ईमानदार राजनीति के साथ परचम पार्टी ऑफ इंडिया लेकर आई है एक मजबूत विज़न:

📚 शिक्षा सबके लिए
हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक स्कूल और स्किल सेंटर

💼 रोजगार हर हाथ को
स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता, स्वरोजगार और स्टार्टअप को बढ़ावा

🏥 स्वास्थ्य सबके लिए
बेहतर अस्पताल और हर परिवार के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा

🛡️ सुरक्षा और सम्मान
महिलाओं की सुरक्षा, समाज में शांति और भाईचारा

अब वक्त है भ्रष्टाचार को हटाकर विकास को आगे बढ़ाने का।
👉 अपनी पार्टी, परचम पार्टी ऑफ इंडिया को मजबूत बनाएं!

नाज़िम इलाही
राष्ट्रीय अध्यक्ष, परचम पार्टी ऑफ इंडिया

📞 संपर्क करें: +91 9837107439
👉 आज ही जुड़ें और अपनी आवाज़ को ताकत दें!

मांब लिंचिग बंद करों ......भीड़ का कानून नहीं संविधान का शासन चाहिएParcham Party of India (PPI)
03/05/2026

मांब लिंचिग बंद करों ......

भीड़ का कानून नहीं संविधान का शासन चाहिए
Parcham Party of India (PPI)

मांब लिंचिग बंद करों ......

भीड़ का कानून नहीं संविधान का शासन चाहिए

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