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Yuwa social awareness

31/01/2026

बंदे में है दम 💪 की मामले पर सुनवाई के दौरान पूरी टिप्पणी पढ़िए / जिसे पढ़कर कंचना, निर्देश, प्रियंका, राजकुमार भाटी, नीले टाटी इत्यादि की आँखे फट के बाहर आ गईं :-

CGI की टिप्पणी - हम जातिविहीन समाज चाहते हैँ, आप क्या देश को भूतकाल में ले जाना चाहते हैँ ? गाइडलाइन्स एक ही पक्ष को ध्यान में रखकर बनाई गई हैँ #सूर्यकान्त जी

वकील के जिरह पर :- जाति की पूरी व्यवस्था आपने ब्राह्मणों पर मढ़ कर समाज में नफरत घोल दी है, क्या मुस्लिमों की जातियां भी ब्राह्मणों ने बनाई है? ईसाई में जातियां भी ब्राह्मणों की दें है? बौद्ध, सिख, जैन क्या सभी की जातियां ब्राह्मणों ने बनाई है? अगर ब्राह्मणों की जातियों से इतनी दिक्कत है तो आज ही अपने नाम से जाती हटा लीजिये ( ) कौन आपको रोकेगा? कौन आपको अपने नाम के आगे जाति लगाने के लिए विवश कर रहा है?

स्टे देते समय :- अगर एक समाज खुद को IAS, IPS, CJI, President, PM बनकर भी खुद को शोषित ही रखना चाहता है तो इसमें गलती ब्राह्मणों की नहीं बल्कि उसकी अपनी मानसिकता की है ।

अद्भुत दृश्य था कोर्ट में , दलील और समर्थन पक्ष के लोगो के चेहरे से हवाईया उड़ी थी


जिस जहर को हम 74 साल से पालते आ रहे थे, जिसे हम वर्षों से पाल रहे थे और जो हमारे ही खिलाफ भौंक रहा था, उसे मोदी सरकार ने...
22/01/2026

जिस जहर को हम 74 साल से पालते आ रहे थे, जिसे हम वर्षों से पाल रहे थे और जो हमारे ही खिलाफ भौंक रहा था, उसे मोदी सरकार ने सिर्फ 30 मिनट में देश से बाहर फेंक दिया।

हम बात कर रहे हैं संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (UNMOGIP) की, जो 1948 से भारत में बैठा हुआ था। इसका काम था भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर विवाद पर नजर रखना, लेकिन असल में ये संगठन भारत के खिलाफ एक विदेशी सेंसर बोर्ड जैसा बन चुका था। और मजे की बात यह है कि इनका रहना-खाना, गाड़ी, घूमना यानि कि सब-कुछ भारत सरकार यानि हमारे टैक्स के पैसे से होता था।

UNMOGIP ने न सिर्फ भारत को कई बार खुले मंचों पर दोषी ठहराया, बल्कि कश्मीर को द्विपक्षीय नहीं, त्रिपक्षीय मसला बताने की भी भरपूर कोशिशें और वकालत की। उन्होंने यहां तक कहा कि भारत हमें काम नहीं करने दे रहा, हमारे खर्च पूरे नहीं कर रहा, भत्ते बढ़ाओ और हमारे लिए और पैसा दो। यानि कि घर में घुसे मेहमान ही अब मेजबान को धमका रहे थे।
इस पर मोदी सरकार ने एक सेकंड भी नहीं गंवाया। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने पूरे प्रकरण की कमान संभाली और सिर्फ 30 मिनट की कार्यवाही में UNMOGIP का वीजा रद्द कर दिया गया। उन्हें साफ शब्दों में कहा गया है कि “अब यहां तुम्हारी जरूरत नहीं है, 10 दिन में अपना बोरिया-बिस्तर समेटो और निकलो।”

इन 74 वर्षों में भारत ने इनके 40 से ज्यादा अधिकारियों का खर्च उठाया। हमने उन्हें रहना दिया, गाड़ियां दीं, सुरक्षा दी और बदले में क्या मिला? हमारे ही खिलाफ बयान, रिपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को नुकसान। अब वो दौर खत्म हुआ।

सबसे बड़ा सवाल इन्हें भारत में लाया कौन था? पंडित नेहरू!

वही नेहरू जो कि 1948 में कश्मीर मुद्दा खुद यूएन में घसीट कर ले गए। कश्मीर जो हमारा आंतरिक मामला था, उसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बना दिया। और आज तक उसकी सज़ा हम भुगतते रहे। हर बार जब UN की कोई रिपोर्ट आती थी, उसमें भारत को घेरने की कोशिश होती थी। अब जबकि मोदी सरकार ने UNMOGIP को बाहर का रास्ता दिखाया है, ये वही क्षण है जैसे अंग्रेजों का आखिरी झंडा उतार दिया गया हो।

आज भी देश की 99% जनता को ये नहीं पता था कि अंग्रेजों की छाया UN के नाम पर आज तक हमारे देश में मौजूद थी। मोदी सरकार ने इस बार चुपचाप, पर निर्णायक प्रहार किया है। ये सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं, ये सांस्कृतिक, कूटनीतिक और मानसिक स्वतंत्रता का प्रतीक है। जो काम कांग्रेस 74 साल में नहीं कर सकी, वो मोदी सरकार ने 30 मिनट में कर दिखाया।

अब कोई विदेशी संस्था भारत में बैठकर भारत को नहीं सिखाएगी कि हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं। अब भारत खुद तय करेगा कि उसकी धरती पर कौन रहेगा और कौन नहीं। ये अंग्रेजी छाया का आखिरी सिरा था और उसे भी हमने आज उखाड़ फेंका।

जय हिंद 🇮🇳

13/11/2025

जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई 🙏🙏

31/10/2025

सभी मित्रों को राम राम🚩🚩

21/08/2025

.एक मूर्ख जोकर ने #यूक्रेन को नाटो की सदस्यता का लॉलीपॉप चूसवाने की मृग मरीचिका में विश्व के एक बड़े गेहूं उत्पादक और प्रगतिशील देश को खंडहर बना दिया।
- लगभग 30% भू-भाग रूस को दे दिया, जो अब यूक्रेन को कभी नहीं मिलेगा।
- 4 लाख से अधिक लोगों को मरवा दिया।
- लाखों लोगों को शरणार्थी बनाकर दर-दर भटकने को मजबूर किया।
- पूरे यूक्रेन के इंफ्रास्ट्रक्चर को बर्बाद करवाने के बाद टीशर्ट पहन कर दम भरने वाला कोट पेंट में नाक कटवाने वॉशिंगटन पहुंचा।
- कल अमेरिका ने घोषणा की कि यूक्रेन अब कभी नाटो का सदस्य नहीं बन सकता।

सफेद या हरी #टीशर्ट पहनकर बंदरों की तरह उछलकूद करने से देश नहीं चलते, चाहे वह यूक्रेन हो या भारत।

- जेलेंस्की की माँ भी वहां विदेशी मूल की हैं।
- भारत में #पप्पू की माँ भी विदेशी मूल की हैं।
महान नीतिकार और कूटनीतिज्ञ आचार्य #चाणक्य की यह उक्ति: "विदेशी माता से जन्मा व्यक्ति कभी राष्ट्रभक्त नहीं हो सकता।"
को यूक्रेन का घटनाक्रम पूर्णतः चरितार्थ करता है।

भारत में रहने वाले कुछ मूढ़मतियों को भी पप्पू में पलधानमंत्तड़ी दिखता है! 100% वह वीरों वह आपको डावल सीता राम

????
12/06/2025

????

Kis Kis ko esa bharat chahiye🚩🚩❤❤
08/06/2025

Kis Kis ko esa bharat chahiye🚩🚩❤❤

भारत माता ने अपने सच्चे, सरल,निष्ठावान और कर्मठ सपूत को खो दिया है। 💐💐🙏🙏🚩🚩
10/10/2024

भारत माता ने अपने सच्चे, सरल,निष्ठावान और कर्मठ सपूत को खो दिया है। 💐💐🙏🙏🚩🚩

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