03/07/2021
धर्म और वैज्ञानिक दृष्टिकोण
जब हम विज्ञानिक दृष्टिकोण की बात कर रहे है तो हमे सबसे पहले ये समझना होगा कि ये होता क्या है । हम सिर्फ physics , chemistry , zoology , या किसी भी प्रकार के अन्य विषय पढ़ने को ही विज्ञान नही बोल सकते है । विज्ञान या विज्ञानिक दृष्टिकोण का मतलब है किसी चीज़ को समझना , उस पर तर्क लगाना उसका निष्कर्ष निकलना ओर उसका प्रयोग करना , इसको हम विज्ञानिक दृष्टिकोण कहेगे । इसका एक उदाहरण है जेम्स वॉट के भाप के इंजन का अविष्कार - जब वॉट पानी को केतली में गर्म कर रहे थे तब उसका ढकन बार बार उछाल मार रहा था उन्होंने एक बार देखा , दो बार देखा , जब उन्होंने ढकन को बार उछाल मरते हुए देखा तो उन्होंने उसको कोई देवीय घटना नही माना न ही जादू या टोना माना । उन्होंने उसके पीछे तर्क लगाया और उसका निष्कर्ष निकाला और फिर उसका प्रयोग किया इस प्रकार से भाप के इंजन का अविष्कार हुआ जिसके कारण ओद्योगिक क्रांति हुई ।
आज जब भारत के साथ पूरा विश्व महामारी की मार झेल रहा है तब सभी धार्मिक स्थल बंद है चाहे वो मस्ज़िद हो , मन्दिर हो , गुरुद्वारा हो , चर्च हो या फिर कोई अन्य हो , आज सब बंद है । इस मुश्किल की घड़ी में विज्ञान ने ही बचाव की राह दिखाई है और विज्ञान ही बचाव की ओर ले जाएगा ये सत्य है । लेकिन जरूरी है इस विज्ञानिक दृष्टिकोण को हर गाँव तक , हर व्यक्ति तक ले जाने का जो सिर्फ आज कुछेक लोगो के ज़िम्मेदारी है । आज भी कई लोग ये बोल रहे है कि हमारी भूमि देव भूमि है या ये महामारी नही आ सकती , या मैं उच्च जाति का हु मुझे ये महामारी नही लग सकती या इस के होड़ में सरकार के आदेशों की अवहेलना कर रहे है जो कि गलत है । ये महामारी धर्म , जात पात , ऊंच नीच नही देखती है । इससे बचने का फिलहाल एकमात्र उपाय है विज्ञानिक तकनीक को अपनाना जैसे कि मास्क पहनना , साफ सफाई रखना , सोशल डिस्टेंस रखना और lockdown का पालन करना । इसके साथ एक जरुरी चीज़ ये भी है कि अपनी इम्यूनिटी पॉवर को नियमित रखना । और इम्युनिटी पॉवर को हम नियमित पोष्टिक आहार लेकर ही रख सकते है । इसलिए ये भी जरूरी है कि जिस के पास ये सुविधा नही है हम उनकी सहायता करे ।
धन्यवाद